मुंगेर : बाढ़ का पानी घरों, दुकानों और सड़कों तक पहुंचने के बाद अब लोगों की रोजी-रोटी पर भी असर डाल रहा है. लाल दरवाजा स्थित एक नंबर गुमटी के समीप सोमवार को करीब 70 वर्ष पुराना विशाल बरगद का पेड़ अचानक ई-रिक्शा पर गिर गया. पेड़ के नीचे दबने से ई-रिक्शा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. गनीमत रही कि घटना के समय ई-रिक्शा में कोई सवार नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया.
बाढ़ के बाद कमजोर हुई मिट्टी, उखड़ गया पेड़
स्थानीय लोगों के अनुसार इलाके में बाढ़ का पानी प्रवेश करने के बाद बरगद के पेड़ की जड़ों के आसपास की मिट्टी कमजोर हो गयी थी. इसी वजह से पेड़ का विशाल तना अचानक जड़ से उखड़कर सड़क किनारे खड़े ई-रिक्शा पर जा गिरा.
घटना के बाद आसपास के लोगों की भीड़ जुट गयी. ई-रिक्शा के क्षतिग्रस्त होने से उसके मालिक के सामने अब आर्थिक संकट खड़ा हो गया है.
टोटो ही परिवार की कमाई का सहारा
ई-रिक्शा मालिक बीरबल कुमार यादव ने बताया कि वह टोटो चलाकर ही अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं. ई-रिक्शा क्षतिग्रस्त होने के बाद उनके पास फिलहाल कमाई का साधन नहीं बचा है.
उन्होंने बताया कि बाढ़ के कारण पहले से ही आम लोगों का जनजीवन प्रभावित है. ऐसे में रोजी-रोटी के एकमात्र साधन के बर्बाद हो जाने से परिवार की परेशानी और बढ़ गयी है.
घटना में बाल-बाल बचे लोग
पेड़ गिरने के समय ई-रिक्शा में कोई सवार नहीं था. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि घटना के वक्त ई-रिक्शा में चालक या यात्री मौजूद होता तो बड़ा हादसा हो सकता था.
बाढ़ के बीच एक तरफ जहां लोगों के घर-दुकान प्रभावित हैं, वहीं अब पेड़ और जलजमाव से रोज कमाने-खाने वाले परिवारों के सामने रोजगार का संकट भी गहराने लगा है.