सोशल मीडिया साइट पर व्यक्तिगत जानकारी या तस्वीर नहीं करें साझा, अनजान लिंक को नहीं खोलें

साइबर क्राइम से बचाव व इसके शिकार होने पर क्या करें,

समारोहपूर्वक मनाया गया अधिवक्ता परिषद का स्थापना दिवस मुंगेर अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद का स्थापना दिवस विधिज्ञ संघ भवन के मुख्य सभागार समारोह मनाया गया. साथ ही साइबर विषय पर कार्यशाला का भी आयोजन किया गया. जिसका उद्घाटन प्रांतीय उपाध्यक्ष निर्मल कुमार सिंह, संस्थापक सदस्य यदुनंदन झा, जिलाध्यक्ष ज्योति कुमार, महामंत्री प्रवीण कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. प्रांतीय उपाध्यक्ष ने कहा कि अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद की स्थापना 1992 में दत्तोपंत ठेंगड़ी ने की थी. यह गैर राजनीतिक संगठन है. यह भारतीय मूल्यों पर आधारित संगठन है. यदुनंदन झा ने ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य और संगठन की आवश्यकता तथा कार्यपद्धति पर प्रकाश डाला. इसके बाद साइबर क्राइम विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया. साइबर थाना के इंस्पेक्टर संतोष कुमार ने साइबर क्राइम से बचाव व इसके शिकार होने पर क्या करें, क्या न करें. उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति को आनलाइन पिन या ओटीपी शेयर न करें. अनजान व्यक्ति को व्यक्तिगत जानकारी नहीं दें और अनजान लिंक को नहीं खोलें. अनावश्यक किसी अनजान एप को परमिशन नहीं दें. किसी व्यक्ति के झांसे में आने से पहले तथ्यों की पड़ताल करें. सोशल मीडिया साइट पर व्यक्तिगत जानकारी या तस्वीर साझा नहीं करें. यदि अकस्मात ऐसे घटना हो जाए तो तुरंत 1930 पर संपर्क कर शिक़ायत करें या एनसीआरपी पर शिकायत दर्ज कराएं. मौके पर शोभा कुमारी, रेणु देवी, मनीष कुमार, प्रणव कुमार, धन्नामल, मृत्युंजय सिंह, कृष्ण मुरारी कुमार, रामगुलाम मिश्रा, प्रवीण कुमार चौरसिया सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद थे.

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Published by: Birendra kumar sing

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