मुंगेर के असरगंज में पहली सोमवारी पर छाया डमरू रूपी कांवर, धनबाद के अजय विश्वकर्मा की अनोखी शिवभक्ति ने जीता दिल

सावन की पहली सोमवारी पर असरगंज कांवरिया पथ भक्तिमय रहा. धनबाद के अजय विश्वकर्मा अपने डमरू रूपी कांवर के साथ श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने. सात वर्षों से बाबा धाम की पदयात्रा कर रहे अजय की यह अनोखी शिवभक्ति चर्चा का विषय रही.

Munger News: सावन की पहली सोमवारी पर असरगंज का कांवरिया पथ पूरी तरह केसरिया रंग में रंग गया. सुबह से ही बोल बम और हर-हर महादेव के जयकारों से पूरा मार्ग गूंजता रहा. सड़क मार्ग हो या कच्चा कांवरिया पथ, हर ओर बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर बढ़ते शिवभक्तों का जनसैलाब दिखाई दिया. इसी भीड़ के बीच झारखंड के धनबाद निवासी अजय विश्वकर्मा अपने अनोखे डमरू रूपी कांवर के साथ चलते नजर आए और देखते ही देखते श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का सबसे बड़ा केंद्र बन गए.

कमराय मोड़ स्थित शिव सुरंग के पास जब अजय कुछ देर के लिए रुके, तो बड़ी संख्या में श्रद्धालु उनके कांवर को देखने के लिए जुट गए. कई लोगों ने उनके साथ तस्वीरें खिंचवाईं, जबकि कुछ श्रद्धालु इस विशेष कांवर को बनाने की प्रक्रिया के बारे में पूछते रहे. सावन की आस्था, शिवभक्ति और लोककला का यह संगम पूरे मार्ग पर चर्चा का विषय बना रहा.

सात वर्षों से लगातार कर रहे हैं बाबा धाम की पदयात्रा

धनबाद के भूली निवासी अजय विश्वकर्मा ने बताया कि वे पिछले सात वर्षों से लगातार कावड़ यात्रा कर बाबा बैद्यनाथ धाम जाते हैं. इस वर्ष उन्होंने कुछ अलग करने का संकल्प लिया और भगवान शिव के प्रिय डमरू के आकार का कांवर स्वयं अपने हाथों से तैयार किया.

उनका कहना है कि इस कांवर को बनाने में काफी समय और मेहनत लगी, लेकिन जब इसे लेकर यात्रा शुरू की तो रास्ते भर श्रद्धालुओं से जो प्रेम और सम्मान मिला, उसने सारी मेहनत सफल कर दी.


डमरू रूपी कांवर ने खींचा सबका ध्यान

अजय का डमरू रूपी कांवर पूरे मार्ग में लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रहा था. केसरिया वस्त्र पहने श्रद्धालु बार-बार रुककर इस अनोखी कृति को निहार रहे थे. कई लोग मोबाइल फोन से तस्वीरें और वीडियो बना रहे थे.

श्रद्धालुओं का कहना था कि शिवभक्ति के साथ इस तरह की रचनात्मक प्रस्तुति यात्रा को और भी यादगार बना देती है. अजय का कांवर सावन यात्रा की आस्था और कला दोनों का प्रतीक बन गया.

सड़क और कच्चे मार्ग पर बराबर दिखी भीड़

पहली सोमवारी के कारण असरगंज क्षेत्र में सड़क मार्ग और कच्चे कांवरिया पथ दोनों पर समान रूप से भारी भीड़ रही. सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें थीं, जबकि कच्चे मार्ग पर हजारों शिवभक्त बोल बम के जयघोष के साथ देवघर की ओर बढ़ रहे थे.

कभी धूप तो कभी बादलों की छांव के बीच यात्रा का वातावरण उत्साह और श्रद्धा से भरा रहा. मौसम सुहावना होने के कारण श्रद्धालुओं को लंबी पदयात्रा में अपेक्षाकृत कम परेशानी हुई.

प्रशासन और स्वयंसेवी संस्थाओं की रही सक्रिय भूमिका

श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए प्रशासन और विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं ने मार्ग में कई स्थानों पर पेयजल, चिकित्सा और विश्राम की व्यवस्था की थी.

कई सेवा शिविरों में ठंडा पानी, प्राथमिक उपचार और आराम की सुविधाएं उपलब्ध थीं, जिससे दूर-दराज से आए कांवरियों को यात्रा के दौरान राहत मिली.

Munger News: शिवभक्ति से सराबोर रहा पूरा मार्ग

बोल बम और हर-हर महादेव के नारों के साथ केसरिया वस्त्रों में सजे शिवभक्तों ने पूरे कांवरिया पथ को भक्तिमय बना दिया. पहली सोमवारी पर उमड़ी यह भीड़ सावन की गहरी आस्था और बाबा बैद्यनाथ धाम के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट भक्ति का जीवंत दृश्य प्रस्तुत करती रही.

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By हिमांशु कुमार

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