Bihar News: गंगा पुल का एक बार फिर होगा स्पैन लोड टेस्ट, 4 और 7 जून को लिया जायेगा ट्रैफिक ब्रेक

Bihar News: 4 एवं 7 जून को टीम पुल के पाये और अन्य संरचना को विभिन्न भारों के अधीन रखकर उनकी सहनशीलता और क्षमता का परीक्षण किया जायेगा. लोड टेस्टिंग का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पुल अपने डिजाइन के अनुसार कार्य कर रहा है और विभिन्न भारों को सहन करने में सक्षम है या नहीं.

Bihar News: मुंगेर गंगा पुल से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए यह खबर बेहद ही जरूरी है. क्योंकि एनएचएआई की ओर से एक बार फिर श्रीकृष्ण सेतु का स्पैन लोड टेस्ट कराया जोयगा. जिसकी जांच स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग रिसर्च सेंटर चेन्नई के वैज्ञानिकों की टीम करेंगी. जिसको लेकर 4 एवं 7 जून को श्रीकृष्ण सेतु पर ट्रैफिक ब्रेक लिया जायेगा. एनएचएआई की ओर से श्रीकृष्ण सेतु के क्षमता का लोड टेस्टिंग समय-समय पर कराया जाता है.

बंद रहने का समय

स्पैन लोड टेस्टिंग के लिए एनएचएआई ने 4 जून एवं 7 जून को श्रीकृष्ण सेतु पर ट्रैफिक ब्रेक लिया है. एनएचएआई से मिली जानकारी के अनुसार दोनों दिन सुबह 11 बजे से अपराह्न 4 बजे तक सभी प्रकार के वाहनों का परिचालन पूरी तरह से बंद रहेंगा. इसके लिए जिला प्रशासन से एनएचएआई को स्वीकृति भी मिल चुकी है.

पुल को है 40 टन भार क्षमता सहने की शक्ति

एनएचआई की ओर से मिली जानकारी के अनुसार मुंगेर श्रीकृष्ण सेतु को 40 टन भार सहने की क्षमता है. जबकि पुल के दोनों ओर बने एप्रोच पथ का भार क्षमता 55 टन है. टीम अपने जांच के दौरान इस भार को पुल एवं एप्रोच पथ पर विभिन्न स्थानों पर रख कर अथवा परिचालन करवा कर यह सुनिश्चित करेंगी कि इस भार में चलते कोई रिफलेक्शन हो रहा है या नहीं. जिसके बाद टीम अपनी रिपोर्ट में यह जिक्र करेंगी कि पुल व एप्रोच पथ इस भार को सहने में सक्षम है अथवा नहीं.

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क्या बोले परियोजना निदेशक

एनएचएआई के मुंगेर परियोजना निदेशक मनीष कुमार ने बताया कि स्पैन लोड टेस्टिंग रेगुलर वर्क में शामिल है. जिसको लेकर सीएसआईआर-एसईआरसी चेन्नई की टीम यहां जांच करेगी. 4 एवं 7 जून को पुल पर ट्रैफिक ब्रेक लेकर भार क्षमता की जांच की जायेगी.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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