मुंगेर, हवेली खड़गपुर. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के विरुद्ध दर्ज प्राथमिकी के विरोध में सोमवार को हवेली खड़गपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध मार्च निकाला. बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर आयोजित विरोध मार्च का नेतृत्व मुंगेर जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेश कुमार मिश्रा ने किया. इस दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए राहुल गांधी के विरुद्ध दर्ज प्राथमिकी को वापस लेने की मांग की.
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राजनीतिक दुर्भावना का लगाया आरोप
विरोध मार्च में शामिल कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज को दबाने तथा जनहित और लोकतंत्र से जुड़े मुद्दों को उठाने वाले नेताओं को डराने के उद्देश्य से राजनीतिक दुर्भावना के तहत कार्रवाई की जा रही है.
कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के विरुद्ध दर्ज प्राथमिकी को राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित बताते हुए इसका विरोध किया. कांग्रेस नेताओं ने कहा कि विपक्ष के नेताओं के खिलाफ कार्रवाई के माध्यम से उनकी आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है.
लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है कार्रवाई : राजेश कुमार मिश्रा
मुंगेर जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेश कुमार मिश्रा ने कहा कि राहुल गांधी लगातार देश के आम लोगों, युवाओं, किसानों, मजदूरों एवं वंचित वर्गों से जुड़े मुद्दों को उठा रहे हैं.
उन्होंने कहा कि उनकी आवाज को दबाने के लिए प्राथमिकी एवं अन्य कानूनी कार्रवाई का सहारा लेना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है. कांग्रेस इस प्रकार की कार्रवाई से पीछे हटने वाली नहीं है और लोकतंत्र एवं जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी.
लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा विरोध
राजेश कुमार मिश्रा ने कहा कि पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से इस कार्रवाई का विरोध करती रहेगी. उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास जारी रहा तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा. कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका महत्वपूर्ण होती है और सभी को अपनी बात रखने का अधिकार मिलना चाहिए.
स्थानीय पदाधिकारी और कार्यकर्ता हुए शामिल
विरोध मार्च में कांग्रेस के स्थानीय पदाधिकारी, प्रखंड एवं नगर स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में पार्टी समर्थक शामिल हुए. कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर राहुल गांधी के विरुद्ध दर्ज प्राथमिकी वापस लेने तथा लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान करने की मांग की.
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