मुंगेर बरियारपुर से संजीव कुमार की रिपोर्ट: बरियारपुर बाजार एनएच मार्ग से प्रखंड मुख्यालय को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पिछले छह महीनों से प्रशासनिक अनदेखी का शिकार है. हैरानी की बात यह है कि इसी संकीर्ण और बाधित मार्ग से प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी और चिकित्सा प्रभारी सहित तमाम आला अधिकारी प्रतिदिन अपने कार्यालय आते-जाते हैं. इसके बावजूद सड़क के बीचों-बीच खड़े एक जप्त ट्रक को हटाने की जहमत किसी ने नहीं उठाई है, जिससे आम जनता और मरीजों की मुश्किलें बढ़ गई हैं.
पुलिस द्वारा जप्त ट्रक ने घेरा आधा रास्ता
जानकारी के अनुसार, उक्त मार्ग पर पिछले 6 महीने से एक ट्रक खड़ा है, जिसे पुलिस विभाग द्वारा किसी मामले में जप्त किया गया था. ट्रक के सड़क पर ही खड़े रहने के कारण मार्ग का आधा से ज्यादा हिस्सा पूरी तरह बाधित हो चुका है. रही-सही कसर सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों ने पूरी कर दी है, जिनमें बारिश का पानी जमा रहने से बाइक और चौपहिया वाहनों का गुजरना जोखिम भरा हो गया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यह स्थिति किसी बड़ी दुर्घटना को दावत दे रही है.
एंबुलेंस के आवागमन में हो रही भारी परेशानी
सड़क मार्ग संकरा हो जाने के कारण सबसे अधिक समस्या स्वास्थ्य सेवाओं में आ रही है. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से गंभीर मरीजों को ले जाने वाली एंबुलेंस अक्सर इस जाम और संकीर्ण रास्ते में फंस जाती है. जीवन-मौत से जूझ रहे मरीजों के लिए यह संकरा रास्ता काल साबित हो सकता है. इसी मार्ग पर थाना, अंचल कार्यालय, प्रखंड कार्यालय और सीडीपीओ कार्यालय जैसे महत्वपूर्ण सरकारी विभाग स्थित हैं, फिर भी अधिकारियों की चुप्पी लोगों की समझ से परे है.
पदाधिकारियों की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल
6 माह से मुख्य मार्ग का इस तरह बाधित रहना बरियारपुर प्रखंड के पदाधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि जब जिम्मेदार अधिकारी अपनी आंखों के सामने हो रही इस समस्या को नजरअंदाज कर रहे हैं, तो आम जनता की फरियाद कौन सुनेगा? स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि उक्त जप्त ट्रक को तत्काल प्रभाव से हटाकर सड़क की मरम्मत कराई जाए, ताकि आवागमन सुलभ हो सके और मरीजों को अस्पताल ले जाने में बाधा न आए.
