मुंगेर, बरियारपुर. राष्ट्रीय उच्च पथ 333 पर बरियारपुर रेलवे ओवरब्रिज के एक हिस्से के आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त होने की सूचना के बाद जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है. सोमवार को जिलाधिकारी निखिल धनराज ने संबंधित पदाधिकारियों और अभियंताओं के साथ रेलवे ओवरब्रिज का स्थलीय निरीक्षण किया. डीएम ने क्षतिग्रस्त हिस्से की स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों से पुल की वर्तमान तकनीकी स्थिति तथा संभावित खतरे की जानकारी प्राप्त की. उन्होंने आवश्यक कार्रवाई करते हुए क्षतिग्रस्त हिस्से को जल्द दुरुस्त करने का निर्देश दिया.
बिना विलंब तकनीकी कार्रवाई शुरू करने का निर्देश
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित विभाग के अधिकारियों और अभियंताओं को बिना विलंब आवश्यक तकनीकी कार्रवाई शुरू करने को कहा. उन्होंने क्षतिग्रस्त हिस्से की शीघ्र मरम्मत अथवा जरूरत पड़ने पर पुनर्निर्माण की दिशा में प्रभावी कदम उठाने का निर्देश दिया. साथ ही पुल की तकनीकी स्थिति, आवश्यक कार्य और प्रस्तावित कार्ययोजना की जानकारी जिला प्रशासन को नियमित रूप से उपलब्ध कराने को कहा गया.
महत्वपूर्ण यातायात मार्ग होने से सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
डीएम ने कहा कि रेलवे ओवरब्रिज महत्वपूर्ण यातायात मार्ग से जुड़ा हुआ है. इसलिए इसकी संरचनात्मक सुरक्षा और आम लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने निर्देश दिया कि तकनीकी विशेषज्ञों की जांच और उनकी अनुशंसा के आधार पर ही आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. मरम्मत कार्य के दौरान गुणवत्ता और सभी सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन करने पर भी जोर दिया गया.
तीन बटिया चौक से आरओबी तक सड़क भी जर्जर
निरीक्षण के दौरान बरियारपुर तीन बटिया चौक से पोस्ट ऑफिस के समीप स्थित रेलवे ओवरब्रिज तक सड़क की स्थिति पर भी चर्चा हुई. अधिकारियों को बताया गया कि वाहनों के अत्यधिक दबाव के कारण सड़क काफी जर्जर हो चुकी है. इसके अलावा सोतीपुर गांव के समीप भी सड़क पर कई जगह गड्ढे हो गए हैं. सड़क गड्ढों में तब्दील होने से वाहन चालकों को परेशानी हो रही है और दुर्घटना की आशंका बनी हुई है.
सभी गड्ढों को जल्द भरने का निर्देश
जिलाधिकारी निखिल धनराज ने अभियंताओं की टीम को सड़क के सभी गड्ढों को जल्द से जल्द भरने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि जर्जर सड़क और गड्ढों के कारण किसी प्रकार की दुर्घटना न हो, इसके लिए आवश्यक मरम्मत कार्य तत्काल कराया जाए. निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक पदाधिकारी और संबंधित विभाग के अभियंताओं की टीम मौजूद थी.
