मुंगेर जिले में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर और संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं. जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर ने आपदा प्रबंधन और विधि-व्यवस्था को लेकर जिले के सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मियों को विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं. सभी पदाधिकारियों को अपने-अपने पदस्थापन स्थल पर मौजूद रहने, 24 घंटे मोबाइल फोन चालू रखने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा गया है.
गंगा के बढ़ते जलस्तर पर प्रशासन की नजर
जिला प्रशासन गंगा के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि को गंभीरता से ले रहा है. संभावित बाढ़ की स्थिति में राहत और बचाव कार्यों को समय पर शुरू करने के लिए विभागों को पहले से तैयार रहने का निर्देश दिया गया है. प्रशासन का जोर किसी भी आपात स्थिति में त्वरित समन्वय और प्रभावी कार्रवाई पर है.
छुट्टी में भी मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे अधिकारी
जिलाधिकारी के निर्देश के अनुसार जिला स्तरीय, अनुमंडल स्तरीय और प्रखंड स्तरीय सभी पदाधिकारी एवं कर्मी अपने-अपने पदस्थापन स्थल पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे. वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए अवकाश के दौरान भी उन्हें मुख्यालय में ही रहना होगा. बिना सक्षम अनुमति मुख्यालय छोड़ने पर संबंधित पदाधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ अनुशासनिक और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी.
तकनीकी विभागों को भी रखा गया अलर्ट
संभावित बाढ़ के मद्देनजर तकनीकी विभागों के कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता और कनीय अभियंता समेत अन्य अधिकारियों एवं कर्मियों को भी अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया गया है. जरूरत पड़ने पर संबंधित विभागों की टीम तत्काल मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई कर सकेगी.
स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन विभाग विशेष सतर्क
जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग को विशेष रूप से सतर्क रहने को कहा है. किसी भी आपात स्थिति में प्रभावित लोगों तक स्वास्थ्य सुविधा और राहत सहायता समय पर पहुंचाने के लिए विभागों को तैयार रहने का निर्देश दिया गया है.
24 घंटे मोबाइल चालू रखना अनिवार्य
सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को 24 घंटे मोबाइल फोन चालू रखने और लगातार संपर्क में रहने का निर्देश दिया गया है. किसी अधिकारी को चिकित्सीय अथवा अन्य विशेष परिस्थिति में अवकाश की आवश्यकता होने पर सक्षम प्राधिकारी या जिलाधिकारी से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा. प्रशासन का उद्देश्य गंगा के जलस्तर में संभावित वृद्धि के बीच किसी भी स्थिति से निपटने के लिए जिले में त्वरित और प्रभावी व्यवस्था बनाए रखना है.
