मुंगेर से हवाई सेवा को लेकर फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करने आयेगी एएआइ की टीम

बिहार में छह नये एयरपोर्ट बनाने का काम शीघ्र शुरू हो सकता है, जिसमें एक मुंगेर जिला भी शामिल है.

मुंगेर. बिहार में छह नये एयरपोर्ट बनाने का काम शीघ्र शुरू हो सकता है, जिसमें एक मुंगेर जिला भी शामिल है. इसके लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की दो टीम मुंगेर आने वाली है, जो फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करेगी. 22 से 27 मई तक एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की टीम बिहार में रहेगी और इसी बीच सफियाबाद स्थित मुंगेर हवाई अड्डा मैदान का निरीक्षण करेगी. सबकुछ ठीक-ठाक रहा तो मुंगेर हवाई अड्डा से हवाई सेवा की शुरूआत हो सकती है.

एएआइ की टीम मुंगेर में हवाई अड्डा का करेगी निरीक्षण

बताया जाता है कि बिहार में कुल 6 नए एयरपोर्ट बनाने का काम शुरू होने वाला है. मधुबनी, मुजफ्फरपुर, वाल्मीकि नगर, बीरपुर, सहरसा के साथ ही मुंगेर उसमें शामिल है. 22 से 27 मई तक एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की टीम बिहार में रहेंगी. इस दौरान टीम हवाई अड्डा का अवलोकन करेगी. साथ ही टीम फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करेगी, जो परियोजना के अगले चरण की आधारशिला होगी. बताया जाता है कि एएआइ की टीमें न केवल जमीन की उपलब्धता और तकनीकी व्यवहार्यता का आकलन करेगी, बल्कि पर्यावरणीय प्रभाव का भी अध्ययन करेगी. आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर इन एयरपोर्ट्स को पर्यावरण-अनुकूल बनाने की योजना है.

विमान सेवा को लेकर बिहार बजट में शामिल है मुंगेर जिला

नीतीश सरकार ने मार्च 2025 में विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2025-26 का बिहार बजट पेश किया था, जिसमें राज्य के कुछ प्रमुख शहरों से छोटे स्तर की विमान सेवा शुरू करने पर मुहर लगाया गया था, जिसमें मुंगेर भी शामिल है. बजट प्रावधान के अनुसार मुंगेर हवाई अड्डा से छोटे स्तर का विमान सेवा शुरू होगा. विदित हो कि मुंगेर-जमालपुर मुख्य मार्ग नौलक्खा में मुंगेर हवाई अड्डा स्थित है, जो एक घरेलू हवाई अड्डा है. इस हवाई अड्डे पर एक ही रनवे है, जो 780 मीटर लंबा है. इसके रनवे का जीर्णोद्धार वर्ष 2016 में 9 करोड़ रुपये की लागत से कराया गया था.

घरेलू उड़ान की है मुंगेर को दरकार

मुंगेर एक ऐतिहासिक और पौराणिक शहर है. यह योगनगरी के नाम से भी मशहूर है. योगनगरी मुंगेर और आनंदमार्ग की जन्मस्थली जमालपुर का विश्व पटल पर एक अलग ही पहचान है. योग विद्यालय में योग की शिक्षा-दीक्षा के लिए विश्व के अलग-अलग देशों से साधक मुंगेर आते हैं. वहीं आनंदमार्ग के प्रवर्तक श्रीश्री आनंदमूर्ति जी उर्फ प्रभात रंजन सरकार की जन्मस्थली होने के कारण यहां पूरी दुनिया से आनंदमार्ग के अनुयायी आते हैं. यहां एशिया प्रसिद्ध रेल कारखाना के साथ ही बहुराष्ट्रीय कंपनी आइटीसी भी है. भीमबांध, सीताकुंड, ऋषिकुंड जैसे पर्यटन स्थल है. जहां हजारों देशी-विदेशी सैलानी प्रत्येक साल आते हैं.

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Published by: Birendra kumar sing

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