प्रजापति ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की ओर से चल रहे अलविदा तनाव कार्यक्रम में उमड़ रही भीड़
मुंगेर : नगर भवन में प्रजापति ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की ओर से चल रहे अलविदा तनाव कार्यक्रम में भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है. पांचवें दिन तनाव मुक्ति विशेषज्ञ ब्रह्मकुमारी पूनम बहन से जहां मनुष्य का असली घर परधाम को बताया वहीं सभी को मन के माध्यम से ब्रह्मांड का सैर कराया.
उन्होंने कहा कि संसार एक मुसाफिरखाना है. जहां कुछ समय के लिए लोग आते हैं और चले जाते हैं, लेकिन लोग इस नश्वर संसार को ही अपना घर समक्ष लिया है. हम यह भूल गये कि अपना असली घर कहां है. हमार असली घर परमधाम है. सृष्टि एक रंगमंच है और हम सभी इस पर अपनी भूमिका निभाने वाले कलाकार है. किसी के अभिनय में कोई दोष नहीं है. तनाव तो तब पैदा होता है जब हम एक दूसरे के अभिनय में दोष ढूढ़ने लगते हैं. यदि हम तनाव से मुक्ति पाना चाहते हैं
तो हमें दूसरे के अभिनय में दोष देखना बंद करना होगा. हमें निष्काम भाव से कर्म करने की प्रवृत्ति अपनाना होगा. निष्काम भाव से किया गया कार्य प्रभु को अर्पण करना होगा. तभी हमारा कर्म क्षेत्र सुखों की खान बन सकती है. तनाव से मुक्ति के लिए इच्छाओं को कम करें, क्योंकि इच्छाएं अच्छा बनने नहीं देती है. आवश्यकता सबकी पूरी होती है लेकिन इच्छा नहीं. तनाव से मुक्ति के लिए दूसरों के लिए भी जीना एक बेहतर माध्यम है. इस संसार में शरीर के अलग-अलग धर्म है परंतु आत्मा का एक ही धर्म है शांति.
घर भी शांतिधाम है. उन्होंने मेडियेशन द्वारा आत्मा को मस्तक से निकलकर सूर्य, चांद, तारों से पार परमधाम, शांतिधाम, ब्रह्मांड की सैर कराया गया. मौके पर डॉ मंजू, निर्मल जैन, डॉ श्रवण ठाकुर, संजय मेहरिया, आयकर पदाधिकारी सरोज कुमार, हेमंत सिंह,मनीषा बहन सहित अन्य मौजूद थे.
