आंदोलन तेज. कंपनी गार्डन को बनाया गया कैंप जेल
आंदोलन को तेज करते हुए 2674 सेविका-सहायिका ने सरकार के विरोध में गिरफ्तारी दी. कर्मियों ने समाहरणालय के सामने भी प्रदर्शन किया.
मुंगेर : सरकारी सेवक घोषित करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलित सेविका-सहायिकाओं ने सोमवार को जेल भरो आंदोलन के तहत किला के मुख्य द्वार सहित तीनों द्वार को जाम कर दिया और प्रदर्शन किया. हजार की संख्या में सेविका व सहायिका मांगों के समर्थन में नारेबाजी करती रही. बाद में अपनी गिरफ्तारी दी. कोतवाली थाना पुलिस आंदोलित सेविका व सहायिकाओं को कंपनी गार्डन में रखा. आंदोलित कर्मी समाहरणालय के समक्ष भी प्रदर्शन की.
किला को घेरा, दी अपनी गिरफ्तारी : सोमवार की सुबह सभी सेविका-सहायिका किला परिसर पहुंच गयी. तीन भागों में विभक्त होकर इन लोगों ने किला के तीनों प्रवेश द्वार को जाम कर दिया. जाम के कारण एक घंटे तक आवागमन ठप हो गया. महिलाओं की भारी तादाद को देख कर कोई भी अधिकारी एवं आम लोग प्रवेश द्वार के तरफ जाने को तैयार नहीं थे. किला गेट पर सेविका-सहायिका यूनियन का बैनर लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रही थी. एसडीपीओ डॉ कुंदन कुमार किला के मुख्य गेट पर पहुंचे और ध्वनि विस्तारक यंत्र से घोषणा किया कि आंदोलनकारी सेविका-सहायिका एवं यूनियन के अध्यक्ष व महासचिव को गिरफ्तार किया जाता है. जिसके बाद गिरफ्तारी देने वाले 2674 सेविका-सहायिका को कैंप जेल कंपनी गार्डन में रखा गया.
किस परियोजना से कितनों ने दी गिरफ्तारी : यूनियन के जगदीश मंडल ने बताया कि मांगों को लेकर 24 मार्च से ही आंगनबाड़ी केंद्रों में ताला बंद कर सेविका-सहायिका अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चली गयी है. जिला मुख्यालय व सीडीपीओ कार्यालय पर धरना दिया गया. 10 अप्रैल को सेविका-सहायिका ने जेल भरो आंदोलन के तहत गिरफ्तारी दी. उन्होंने बताया कि ग्रामीण मुंगेर से 165 सेविका व 165 सहायिका, सदर मुंगेर के 150, जमालपुर से 416, धरहरा से 290, बरियारपुर से 180, हवेली खड़गपुर से 612, टेटियाबंबर से 170, असरगंज से 140, तारापुर से 130, संग्रामपुर से 156 ने अपनी गिरफ्तारी दी. केंद्र व राज्य सरकार का आंख और कान दोनों अंधा है. 20 अप्रैल से पटना में मुख्यमंत्री के समक्ष आंदोलन किया जायेगा.
क्या है मांग : 16 सूत्री मांगों में सेविका-सहायिकाओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने सहित सेविका को क्लास 3 व सहायिका को क्लास 4 के रूप में समायोजित करने, गोवा तेलंगाना की भांति 7 हजार सेविका और 4500 सहायिका को अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देने, जबतक सरकारी कर्मचारी का दर्जा नहीं मिलता सेविका को 18 हजार एवं सहायिका को 10 हजार रुपये मानदेय देने, स्वास्थ्य चिकित्सा सुविधा व राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा सुविधा देने, सेवानिवृत्ति की उम्र सीमा 60 से 65 करने, सेवानिवृत्ति के पश्चात 5 हजार मासिक पेंशन या एक मुस्त 5 लाख देने, जबतक सरकारी कर्मचारी का दर्जा नहीं मिलता चुनाव लड़ने पर रोक एवं अन्य सुविधाओं पर से रोक हटाने, मिनी आंगनबाड़ी सेविकाओं को समान मानदेय देने, सेविका को सुपरवाईजर व सहायिका को सेविका में प्रमोशन देने, आंगनबाड़ी मार्गदर्शिका में नियमानुकूल आवश्यक संशोधन करने आदि मांग शामिल हैं.
कुपोषण को दूर करने के उद्देश्य से जिले में 1365 आंगनबाड़ी केंद्र सरकारी दस्तावेज में खोला गया है. जिसमें 1296 केंद्र ही संचालित हो रहा है. इन केंद्रों पर एक लाख 160 बच्चे नामांकित हैं. प्रत्येक केंद्र पर आठ गर्भवती व आठ प्रसूति महिला को तीन किलो चावल व डेढ़ किलो दाल, कुपोषित बच्चों को ढाई किलो चावल व एक किलो दाल, अति कुपोषित को चार किलो चावल व दो किलो दाल देना है. इसके अलावा शुक्रवार या बुधवार को एक अंडा देने का प्रावधान है.
