मासूम तबरेज हत्याकांड में शूटरों की नहीं हो सकी गिरफ्तारी
मुंगेर : मुंगेर शहर के बीचों-बीच अपराधियों ने 31 मार्च की सुबह तांडव मचाया और गोलीबारी कर मासूम तबरेज को जहां मौत के घाट उतार दिया. वहीं उसके पिता मो महबूब चार गोली लगने के कारण बुरी तरह घायल हो गये. जिसका इलाज पटना में चल रहा है. मृतक तबरेज की मां के बयान पर पुलिस ने मामला दर्ज कर दो लोगों को गिरफ्तार तो कर लिया. लेकिन न तो अब तक घटना को अंजाम देने वाले शूटर की गिरफ्तार हो पायी है और न ही एक सप्ताह बाद पुलिस ने घायल महबूब का बयान दर्ज किया है. महबुब का बयान नहीं हो रहा कलमबद्ध : किसी भी घटना के बाद प्राथमिकी दर्ज होना आम बात है.
लेकिन जो घटना में घायल है उसका बयान पुलिस अनुसंधान के लिए जरूरी है. कहा जा रहा है कि गोली मारने से पहले अपराधी और महबुब के बीच कहा-सुनी हुई थी. जब अपराधी ने महबूब को गोली मारने के लिए पिस्टल निकाला तो मोटर साइकिल के आगे बैठे मासूम की आड़ ली. लेकिन अपराधी निर्दयी निकले और ताबड़तोड़ गोलीबारी महबूब पर दागने लगे. जिसमें महबूब अपराधियों की गोली से घायल हो गया. उसका इलाज पटना में चल रहा है. जबकि उसके पुत्र मासूम मो तबरेज की गोली लगने से मौत हो गयी. महबूब की पत्नी के बयान पर मामला दर्ज किया गया. लेकिन ऐसी परिस्थिति जब अपराधियों और घायल के बीच नोंक झोंक हुई हो तो घायल का बयान पुलिस के लिए महत्वपूर्ण हो जाता है. क्योंकि घायल से पूछताछ होगी तो शूटर का पता चलेगा.
कहते हैं अनुसंधानकर्ता : कांड के अनुसंधानकर्ता कोतवाली थानाध्यक्ष इंसपेक्टर श्रीराम चौधरी ने बताया कि घायल की स्थिति अब सामान्य है. दो-तीन दिनों में पटना जाकर महबूब का बयान कलमबद्ध किया जायेगा.
मो महबूब गोलीबारी मामले में उसकी पत्नी रुकसाना खातून के बयान पर सात लोगों के खिलाफ कोतवाली थाने में मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मो अतहर इमाम उर्फ जैबू एवं दयानंद मंडल को गिरफ्तार कर लिया. जबकि इस मामले में पांच लोग अब भी पुलिस पकड़ से दूर है. जिन दो लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कराया, उनसे घटना का न तो कारण पता चल पाया और न ही मारने वाले का कोई सुराग मिला.
बाद में दोनों को नामजद होने के नाम पर जेल भेज कर मामले में गिरफ्तारी दिखा दी. इस मामले में काले रंग की अपाची मोटर साइकिल का अपराधियों ने प्रयोग किया था. जिस पर तीन अपराधी सवार थे. बाटा चौक पर गन्ने का रस पी रहे मो महबूब से पहले अपराधियों ने मोटर साइकिल रोक कर बहस की और फिर गोली मारी. लेकिन पुलिस अब तक न तो मोटर साइकिल का पता लगा सकी है और न ही शूटर की पहचान कर सकी है.
मुंगेर : पिता के हत्यारे एवं भाई को गोली मारने वाले अपराधियों के गिरफ्तारी के लिए राजद के जिला सचिव मदन कुमार पुलिस पदाधिकारियों के पास दौड़ लगा रहे हैं. वहीं अपराधी लगातार उसे केस उठाने के लिए फोन कर धमकी दे रहा है. इस कारण न सिर्फ राजद नेता बल्कि पूरा परिवार दहशत में है. जबकि पुलिस अपरधियों की गिरफ्तारी में मौन बनी है. राजद के जिला महासचिव मदन यादव ने पुलिस अधीक्षक को एक ज्ञापन देकर जानमाल की सुरक्षा की गुहार लगायी है. उसने कहा है कि 9 नवंबर 2016 की मध्य रात्रि में उसके पिता देवेंद्र यादव की योजनाबद्ध तरीके से गोली मार कर हत्या कर दी गयी. जबकि छोटा भाई अपराधियों की गोलीबारी में बुरी तरह घायल हो गया. आज भी उसका इलाज पीएमसीएच पटना में चल रहा है.
घायल भाई छोटू के फर्द बयान के आधार पर नयारामनगर थाना में कांड संख्या 165/16 दर्ज किया गया. इसमें मनीष कुमार, मुरारी यादव एवं दोनों के पिता सिकंदर यादव को नामजद किया गया. पुलिस ने एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जबकि दो अभियुक्त अब भी बाहर है. अभियुक्तों के परिवार वालों ने 21 फरवरी 2017 को राजीव गांधी चौक पर मुझे रोक कर केस वापस लेने का दबाव बनाया. केस नहीं उठाने पर जान से मारने की धमकी दी. मेरे मोबाइल पर 7808354602 नबंर से फोन कर धमकी दी जा रही है, केस उठा लो नहीं तो पिता के पास भेज देंगे.
