नगर परिषद. बैठक में नहीं निकला समाधान
जमालपुर : होल्डिंग टैक्स को लेकर एक बार फिर गुरुवार को नगर परिषद कार्यालय में गहमागहमी रही. नागरिक मंच के नेतृत्व में वहां पहुंचे आम लोगों के आक्रोश को देख कर नपकर्मी कार्यालय में ताला लगा कर खिसकने में ही अपनी भलाई समझी तथा दिन भर सामान्य कामकाज ठप रहा. नगर विकास विभाग तथा आवास विभाग के निदेशक नगरपालिका-सह-संयुक्त सचिव भरत झा द्वारा जारी पत्र के कारण यह स्थिति बनी है.
क्या था मामला
होल्डिंग टैक्स में विसंगतियां, मनमानी पूर्ण तरीके से होल्डिंग का निर्धारण तथा कथित अवैधानिकता को लेकर पिछले एक दशक से नागरिक मंच इसका विरोध कर रहा है. इसी क्रम में वे राज्य सरकार के सचिव स्तर के अधिकारियों से भी संपर्क में हैं. विभाग के निदेशक ने 29 मार्च 2017 को निहित प्रावधान के अनुसार ही पत्रांक संख्या 2368 द्वारा नप के कार्यपालक पदाधिकारी को संपत्ति कर निर्धारण तथा वसूली के लिए निदेश दिया था. इसे लेकर मंच द्वारा प्रचार-प्रसार कराया गया कि वर्तमान दर 32.5 प्रतिशत के बजाय 9 प्रतिशत होल्डिंग का भुगतान का आदेश प्राप्त हुआ है.
ऐसा सुनते ही सैकड़ों के तादाद में लोग नप कार्यालय पहुंच गये तथा नयी दर पर टैक्स लेने के लिए वहां कार्यरत कर्मियों पर दबाव बनाने लगे. उनके आक्रोश के कारण नपकर्मी कार्यालय में ताला लगा कर फरार हो गये.
छह घंटों तक चली मैराथन बैठक
मंच के पदाधिकारी के साथ ही लोग कार्यपालक पदाधिकारी को वहां बुलाने पर अड़ गये. जिसकी सूचना पर इस्ट कॉलोनी थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर पंकज कुमार वहां दलबल के साथ पहुंचे तथा बाद में कार्यपालक पदाधिकारी दिनेश दयाल लाल भी आये. इस दौरान मंच के पदाधिकारियों के साथ उनकी वार्ता विफल रही और सदर अनुमंडलाधिकारी डाॅ कुंदन कुमार भी वहां पहुंचना पड़ा. परंतु निदेशक के पत्र के आलोक में कोई भी निर्णय नहीं हो पाया. इस संबंध में सदर एसडीओ ने भी कहा कि पूर्व में 1999 में जो कर निर्धारण हुआ था वह दोषपूर्ण था तथा 1922 के नियमों के अनुसार हुआ था. 2007 में भी होल्डिंग टैक्स का पुन: निर्धारण नहीं किया गया था. लोगों की शिकायत है कि कर निर्धारण ही गलत है तो उसका ब्याज भी गलत ही होगा.
उन्होंने लोगों से अपील की कि जो लोग सूद रहित टैक्स जमा करना चाहते हैं, वे अपना टैक्स जमा कर दें, बाद में यदि टैक्स कम होता है तो उनकी राशि का समायोजन कर दिया जायेगा. इस मौके पर मंच के अध्यक्ष वासुदेव पुरी, सीएन सिंह, डा दिनेश प्रसाद, पार्षद गौतम आजाद, प्रमोद मंडल, मुरारी प्रसाद, भैरो सिंह, संजय मेहाड़िया, अशोक मुहाड़िया, परवीन कुमार, और बंटी चुग मुख्य रूप से उपस्थित थे.
