मुंगेर : भारत सरकार ने वर्ष 2017 को लक्ष्य निर्धारित कर देश को कालाजार मुक्त बनाने का निर्णय लिया है. वहीं दूसरी ओर मुंगेर जिले में लगातार कालाजार के रोगी पाये जा रहे हैं. जिले का 29 गांव कालाजार व मलेरिया से प्रभावित है. इसके रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जो प्रयास किये जा रहे वह कारगर साबित नहीं हो रहा. फलत: आने वाले समय में कालाजार मुक्त देश बनाने का लक्ष्य चुनौतीपूर्ण होगा.
मुंगेर में फिर मिले कालाजार के दो नये रोगी
मुंगेर : भारत सरकार ने वर्ष 2017 को लक्ष्य निर्धारित कर देश को कालाजार मुक्त बनाने का निर्णय लिया है. वहीं दूसरी ओर मुंगेर जिले में लगातार कालाजार के रोगी पाये जा रहे हैं. जिले का 29 गांव कालाजार व मलेरिया से प्रभावित है. इसके रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जो प्रयास किये जा […]

कालाजार के पाये गये दो नये मरीज
सदर अस्पताल में गुरुवार को जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से कालाजार के दो नये मरीज पाये गये़ जिसके बाद स्वास्थ्य महकमा हरकत में आयी़ धरहरा प्रखंड के बड़की मुसहरी खजुरिया निवासी 40 वर्षीय नवल मांझी पिछले एक महीने से जाड़े वाली बुखार से पीड़ित था़ गांव के झोलाछाप डॉक्टर से वह बुखार की सूई लेता तो कुछ देर के लिए राहत मिल जाती फिर वही हाल रहता़ अंतत: वह 21 मार्च को इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचा, जहां जांचोपरांत उसे कालाजार से पीड़ित पाया गया़ हालांकि मरीज का इलाज आरंभ कर दिया गया है़ वहीं बरियारपुर निवासी धनराज सिंह के 20 वर्ष पुत्र पियुष कुमार को भी कालाजार से पीड़ित पाये जाने पर गुरुवार को सदर अस्पताल में भरती कराया गया़
जिले का 29 गांव है कालाजार से चिन्हित: जिले का सदर प्रखंड, जमालपुर, बरियारपुर, धरहरा, हवेली खड़गपुर तथा टेटियाबंबर प्रखंड के कुल 29 गांव व मोहल्ले को स्वास्थ्य विभाग द्वारा कालाजार व मलेरियाग्रस्त के रूप में चिन्हित किया गया है़ जहां हर साल दो-दो बार बचाव के लिए दवा का छिड़काव भी किये जाने का दावा किया जाता है़ बावजूद वैसे गांव से कालाजार व मलेरिया के मरीज लगाजार पाये जा रहे हैं.
कहते हैं मलेरिया इंस्पेक्टर
मलेरिया इंस्पेक्टर ने बताया कि भारत सरकार ने देश को मलेरिया मुक्त बनाने के लिए वर्ष 2017 का ही लक्ष्य निर्धारित कर रखा है़ इस साल हर हाल में मलेरिया से मुक्ति के लिए युद्ध स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है़ उन्होंने बताया कि एक हजार की आबादी पर यदि एक से अधिक मलेरिया के मरीज पाये गये तो फिर मलेरिया मुक्त नहीं माना जायेगा़ यदि एक हजार पर सिर्फ एक मरीज पाये गये तो फिर देश को मलेरिया मुक्त मानते हुए उक्त मरीज पर शोध किया जायेगा़