नगर निगम. खास वार्डों में समरसेबुल, नाला व सड़क देने का विरोध
नगर निगम मुंगेर का चुनाव महज दो माह बाद होने वाला है और चुनाव के ठीक पहले निगम प्रबंधन ने कुछ खास वार्डों में समरसेबुल सह पाइप लाइन तथा पीसीसी सड़क सह नाला की स्वीकृति दी है. खास प्रभाव वाले पार्षद के वार्ड में योजनाओं के चयन से निगम की राजनीति गरमा गयी है और अधिकांश पार्षदों ने इसका विरोध किया है. साथ ही नगर आयुक्त से मिल कर इस मामले में अपनी आपत्ति भी दर्ज करायी है.
मुंगेर : चुनावी मौसम में जहां मतदाताओं को रिझाने के लिए निगम के प्रभावशाली पार्षद अपने-अपने तरीके से योजनाओं को अपने वार्ड में खींच रहे हैं. वहीं अधिकांश जरूरतमंद क्षेत्र उपेक्षित रह रहा है. निगम की ओर से शहर के 45 वार्डों में से मात्र पांच वार्ड में समरसेबुल सह 400 मीटर पाइप लाइन निर्माण की स्वीकृति प्रदान करते हुए निविदा निकाली गयी है. वहीं दूसरी ओर मात्र छह वार्ड में पीसीसी सड़क व नाला की स्वीकृति दी गयी है. जिस पर पार्षदों ने घोर आपत्ति की है.
निगम चुनाव से ठीक पहले नगर निगम द्वारा कुछ खास वार्डों में पीसीसी सड़क, नाला व समरसेबुल का टेंडर निकाले जाने पर पार्षदों ने रोष व्यक्त किया है और इसे निगम प्रबंधन की गलत नीति बताया है. इस मामले को लेकर पार्षद गोविंद मंडल, मो जाहिद, हीरो यादव ने नगर आयुक्त से मिल कर अपनी आपत्ति दर्ज करायी. पार्षदों ने कहा कि समरसेबुल व पीसीसी सड़क-नाला का टेंडर किया गया वह गलत है. ऐसा नहीं होना चाहिए. कुछ चुनिंदे वार्ड में ही समरसेबुल व पीसीसी क्यों? यदि योजना देना है तो सभी वार्ड में होना चाहिए. लेकिन इसमें भारी भेदभाव किया गया है. जरूतरमंद वार्डों में जहां समरसेबुल नहीं दिया गया. वहीं मेयर के वार्ड संख्या 32 में दो-दो समरसेबुल का टेंडर निकाला गया है. नगर आयुक्त ने कहा कि 14 वें वित्त की राशि 19 लाख रुपये है. जिसे बुडको को हस्तांतरित कर लाइट के लिए टेंडर प्रकाशित कराकर प्रत्येक वार्ड में दो-दो लाइट लगाया जायेगा.
विदित हो कि 28 फरवरी को आयोजित नगर निगम बोर्ड की बैठक में पार्षदों ने समरसेबुल के टेंडर को लेकर जमकर हंगामा किया था. इधर पार्षद सह निगम सशक्त स्थायी समिति के सदस्य गोविंद मंडल ने कहा है कि कुछ खास वार्डों में गुपचुप तरीके से समरसेबुल व पीसीसी की स्वीकृति दी गयी है. चुनाव के मौके पर मेयर अपने ही वार्ड में कई योजनाओं को स्वीकृति प्रदान कर दी है जो पूरी तरह गलत है.
