लाभ के बजट पर पार्षदों ने उठाया सवाल

मुंगेर : नगर निगम में अंधे नगरी चौपट राजा वाली कहावत चरितार्थ हो रही है. निगम द्वारा पिछले तीन वर्षों से मुनाफे का बजट पेश किया जा रहा है. जबकि सफाइकर्मी अपनी मांगों को लेकर हमेशा हड़ताल करते हैं. वहीं सेवानिवृत्त कर्मचारी का निगम पर लाखों-करोड़ों बकाया है. साथ ही कर्मचारी व सेवानिवृत्त कर्मचारियों के […]

मुंगेर : नगर निगम में अंधे नगरी चौपट राजा वाली कहावत चरितार्थ हो रही है. निगम द्वारा पिछले तीन वर्षों से मुनाफे का बजट पेश किया जा रहा है. जबकि सफाइकर्मी अपनी मांगों को लेकर हमेशा हड़ताल करते हैं. वहीं सेवानिवृत्त कर्मचारी का निगम पर लाखों-करोड़ों बकाया है. साथ ही कर्मचारी व सेवानिवृत्त कर्मचारियों के कई मदों का भुगतान निगम अपनी आर्थिक कमजोरी के कारण नहीं कर पा रहा. इस परिस्थिति में मुनाफे का बजट कैसे पेश किया जाना जनता को दिग्भ्रमित करने वाला है. यह कहना है कि निगम के वार्ड नंबर 27 के पार्षद अनिल सिंह एवं वार्ड 15 के पार्षद मो जाहिद का.

पार्षद अनिल सिंह ने कहा कि नगर निगम में सफाइकर्मी छठा वेतन, पीएफ भुगतान सहित अन्य मांगों पर लगातार आंदोलन करता रहा है. कई ठेकेदार एवं एनजीओ का वर्षों से निगम पर करोड़ों का बकाया है. जबकि ऑडिट द्वारा स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि बकाये राशि का भुगतान कर दिया जाय. तो ऐसी परिस्थिति में मुनाफे का बजट प्रस्तुत कर जनता को दिग्भ्रमित किया जा रहा. शहर में लोगों को न पेयजल की सुविधा मिल रही है और न ही शहर में डोर टू डेर कचरा संग्रह हो रहा और न ही कूड़ा उठाव. पार्षद मो. जाहिद का कहना है कि बजट में जिस भी मद में राशि का प्रावधान किया जाता है उसका सही क्रियान्वयन नहीं होता है. फॉगिंग एवं ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव भी नहीं होता है और राशि की बंदरबांट कर ली जाती है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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