मुंगेर : नगर निगम मुंगेर चुनावी वर्ष में चल रहा है और तीन माह बाद यहां चुनाव होना है. इसे देखते हुए निगम में समरसेबुल व पीसीसी का खेल प्रारंभ हो गया है. वोटरों को रिझाने के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जा रहा. निगम बोर्ड में जो जितने ताकतवर हैं उसे उतना ही हिस्सा मिल रहा. तभी तो महापौर कुमकुम देवी के वार्ड संख्या 32 में दो-दो समरसेबुल व पाइप लाइन की निविदा प्रकाशित की गयी है, जबकि पूरे शहर के 45 वार्ड में मात्र छह समरसेबुल लगाया जाना है.
पिछले दिनों नगर निगम बोर्ड की बैठक में पार्षदों ने इसका जमकर विरोध किया था और निगम प्रबंधन पर विकास में भेदभाव का आरोप भी लगाया था. इस मुद्दे को लेकर निगम बोर्ड की बैठक में हंगामा भी हुआ था. पार्षद मो जाहिद व आशा देवी ने आरोप लगाया था कि जहां के लोगों को पेयजल की सुविधा नहीं है वहां समरसेबुल व पाइप लाइन नहीं दिया जा रहा,
जबकि मेयर के वार्ड में दो-दो समरसेबुल लगाये जा रहे हैं. होना तो यह चाहिए कि सभी वार्ड में एक-एक समरसेबुल की व्यवस्था हो. इधर, पुन: निगम के सक्षम अधिकारियों ने शहर के छह वार्डों में पीसीसी व नाला निर्माण की स्वीकृति प्रदान की है और उसकी निविदा भी निकाली गयी है. इसमें भी वार्ड नंबर 32 को प्राथमिकता सूची में रखा गया है. इसके साथ ही वार्ड नंबर 17, 25, 26, 35, 37 में पीसीसी व नाला निर्माण का निर्णय लिया गया है.
