सरकार की राजस्व वसूली नीति, बालू की अवैध आमदनी में हिस्सेदारी एवं प्रशासनिक शिथिलता के कारण बदुआ नदी का बालू गरम हो रहा है. शुक्रवार तड़के तीन गुटों में वर्चस्व को लेकर बदुआ किनारे लगभग 60 चक्र गोलियां चलीं. इससे ग्रामीण परेशान रहे.
संग्रामपुर : बदुआ नदी मुंगेर जिले को बांका जिले से बांटती है. कुमरसार एवं धौरी के लोगों के अनुसार यह नदी 9 चैन मुंगेर जिले में तथा 7 चैन बांका जिले की सीमा अंतर्गत पड़ता है. एक ओर सरकार ने मुंगेर जिले की सीमा में बदुआ नदी से बालू के उठाव को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है. वहीं दूसरी ओर महादेव इनकलेव राजस्थान को बांका जिले के कुमरसार रोड घाट से बालू उठाव की स्वीकृति मिली है. जिसके नाम पर चलान काट कर बालू का उठाव कराया जा रहा है. जबकि अधिकांश ग्रामीणों का कहना है कि बालू ठेकेदार द्वारा मुंगेर जिले की सीमा से ही आज भी बालू का उठाव किया जा रहा है.
बालू घाट पर वर्चस्व का खेल : बदुआ नदी के बालू से हो रही अवैध आय विवाद का कारण है.अभी तक तीन माह के अंदर चौथी बार गोलीबारी हो चुकी है. इसमें मात्र एक बार संवेदक के मुंशी द्वारा चार लोगों के विरुद्ध आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है. शुक्रवार की सुबह 3 बजे कुमरसार धौरी के बीच गोली चलने की बात कई ग्रामीण बता रहे हैं. उन लोगों के अनुसार गोलीबारी में तीन ग्रुप जुड़े हैं. एक ग्रुप पहले से संवेदक के साथ जुड़ा था. दूसरा ग्रुप दो माह पूर्व गोलीबारी के बाद संवेदक के साथ जुड़ गया है. सूत्रों के अनुसार शुक्रवार की घटना एक तीसरे ग्रुप द्वारा हिस्सेदारी को लेकर तीनों ग्रुपों के बीच हो रही गोलीबारी का मुख्य कारण है. लगभग 50-60 राउंड चक्र गोलियां चलायी गयी. इस गोलीबारी से ग्रामीण परेशान तो हैं लेकिन कुछ भी बोलने से इनकार कर रहे हैं.
कहते हैं थानाध्यक्ष
थानाध्यक्ष दिनेश कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही घटनास्थल पर पहुंच कर मामले की जांच की. जहां ग्रामीणों ने बताया कि बेलहर थाना क्षेत्र के धौरी एवं चौरा की ओर से गोलीबारी हो रही थी. उन्होंने गोलीबारी की घटना की पुष्टि कर बताया कि कुमरसार के शंकर यादव एवं पृथ्वीचक गांव के जीवन यादव के विरुद्ध पुलिस के बयान पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है.
