गतिरोध. फंसी एएसपी व एसडीअो की गाड़ियां
मुंगेर : मुंगेर शहर की सड़कें एक बार फिर अतिक्रमण की चपेट में हैं. प्रशासन द्वारा हटाया गये अतिक्रमण के बावजूद पटेल चौक, राजीव गांधी चौक, बाटा चौक, दीनदयाल चौक के इर्दगिर्द सड़क पर दुकानें लग रही है. प्रशासनिक आदेश, निर्देश व चेतावनी अब अतिक्रमणकारियों के लिए अब कोई मायने नहीं रखता. गुरुवार को पटेल चौक के समीप सड़क अतिक्रमण के कारण जाम लग गया था और उस जाम में सदर अनुमंडल पदाधिकारी एवं एएसपी के वाहन भी फंस गये. एसडीओ के वाहन द्वारा लगातार सायरन बजाया जा रहा था. इसी बीच उन्होंने अपने वाहन में लगे स्पीकर से अतिक्रमणकारियों को चेतावनी दी कि दो घंटे में अतिक्रमण हटायें. अन्यथा प्रशासन कार्रवाई करेगी.
फुटपाथी दुकानों में नोंकझोंक
सदर अनुमंडल पदाधिकारी के घोषणा के बाद एक नंबर ट्रैफिक के समीप ठेले पर फल बेचने वाले एवं जमीन पर दुकान सजाने वाले व्यवसायियों के बीच नोंकझोंक होने लगी. व्यवसायी आपस में उलझ पड़े कि तुम हटाओ तो तुम हटाओ. इसी बात को लेकर कई फुटपाथ विक्रेताओं ने आपस में तू-तू-मैं-मैं की. लेकिन स्थिति यह रही कि एसडीओ की चेतावनी के बावजूद अतिक्रमणकारी सड़ किनारे जमे रहे.
नहीं आये एसडीओ
एसडीओ के चेतावानी से व्यवसायियों में एकबारगी खलबली सी मच गयी और उन लोगों को लगा कि सच में अधिकारी अतिक्रमण हटाने आयेंगे. लेकिन कुछ व्यवसायी अड़ियल नीति अपनाते हुए यह कह कर दुकान नहीं हटाया कि साहब आयेंगे तो देखा जायेगा. हुआ भी यही, 2 से 4 बज गया. लेकिन एसडीओ साहब अतिक्रमण हटाने नहीं आये और दुकानदार अपनी दुकान को यथावत सजाये रहे.
दुकान के आगे सजी है फुटपाथी दुकान
एक नंबर ट्रैफिक के कपड़ा दुकान के बरामदे पर फल व्यवसायियों ने दुकान सजा रखी है. इसके आगे ठीक चंद कदम की दूरी पर राजीव गांधी चौक है. जहां मुहाने पर फल, सब्जी व गन्ने के जूस के साथ ही ऑटो का जमावड़ा रहता है. इतना ही नहीं बाटा चौक के मुहाने पर ठेले पर कपड़े की दुकान सजी है. साइकिल पट्टी के मुहाने को भी फल व गन्ने के रस वाले अतिक्रमित कर सड़क को संकरा बना दिया है. जिससे एक मोटर साइकिल गुजर जाये तो यही गनीमत है. स्थिति यह बनी है कि मुख्य बाजार पूरी तरह ठेले वाले एवं फुटपाथी दुकानदारों की चपेट में है.
