इलाज के अभाव में पिछले माह जमालपुर के एक कैदी की हो गयी थी मौत
मुंगेर : मुंगेर मंडलकारा में बंद कैदी गुणवत्ताविहीन भोजन व शुद्ध पेयजल के अभाव में लगातार बीमार हो रहे हैं. संपन्न व दबंग कैदियों के भोजन की व्यवस्था तो जेल के बाहर से हो जाती है. किंतु सामान्य कैदी जेल में मिलने वाले भोजन पर ही निर्भर रहता है. गत माह जहां एक विचाराधीन कैदी की मंडलकारा में मौत हो गयी. वहीं शहर मिन्नतनगर निवासी मो पप्पू भी गंभीर रूप से बीमार होकर सोमवार को अस्पताल पहुंचा. उसे इलाज के लिए अस्पताल स्थित कैदी वार्ड में भरती किया गया है.
जेल में बंद कैदियों पर भोजन से लेकर चिकित्सकीय सुविधाओं के लिए सरकार भले ही लाखों रुपये खर्च करता हो़ किंतु विभागीय उदासीनता के कारण कैदियों को उसका समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है. अक्सर गुणवत्तापूर्ण भोजन एवं जेल में चिकित्सकीय सुविधा नहीं मिलने के कारण कैदी बीमार हो रहे हैं. कई बार तो जेल की कुव्यवस्थाओं के कारण कैदियों को अपनी जान तक गंवानी पड़ चुकी है़ सोमवार को इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचे एक बीमार कैदी ने जेल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया़
मिन्नतनगर निवासी मो पप्पू उर्फ आरजू को पिछले महीने 30 दिसंबर को आर्म्स एक्ट के आरोप में जेल भेजा गया था़ जहां पहुंचते ही वह जेल प्रशासन के कुव्यवस्थाओं का शिकार बन गया तथा उसे जॉन्डिस की बीमारी हो गयी़ आरजू ने बताया कि कई बार कहने के बावजूद वहां पर उसके स्वास्थ्य पर ध्यान नहीं दिया गया़ इस कारण उसकी बीमारी काफी बढ़ गयी़ परिवारवालों के काफी प्रयास के बाद उसे सोमवार को इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा गया़ जहां चिकित्सक ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए कैदी वार्ड में भरती किया़
पिछले माह हुई थी एक कैदी की मौत: पिछले महीने 25 दिसंबर को मुंगेर मंडलकारा में बंद कैदी छोटू साव की सदर अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गयी थी. चिकित्सक के अनुसार, छोटू की मौत ठंड लगने से होना बताया गया था. जमालपुर के खलासी मोहल्ला निवासी महेश साव के पुत्र छोटू साव पर अपनी ही पत्नी की हत्या का आरोप था़ कैदी की मौत को लेकर परिजनों ने जेल में उसे कंबल नहीं दिये जाने तथा लापरवाही बरतने का आरोप लगाया था़
