2 मार्च 2014 को मकसुसपुर में छापेमारी कर मो हसन इमाम के घर तहखाने में चल रहे मिनीगन फैक्टरी किया गया था खुलासा
सैकड़ों की संख्या में निर्मित व अर्धनिर्मित पिस्टल, बैरल, मैगजीन, कारतूस व उपकरण किया गया था बरामद
एक अन्य आरोपी अजहर शाबरी को किया गया रिहा
मुंगेर : मुंगेर के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम पीसी चौधरी ने सोमवार को आर्म्स एक्ट के एक मामले में पिता सहित उनके दो पुत्रों को दोषी पाकर सात साल के कारावास एवं पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनायी है. न्यायालय द्वारा सत्रवाद संख्या 906/14 मे की गयी. इसमें उपलब्ध साक्ष्य एवं गवाहों के बयान के आधार पर तीन लोगों को सजा सुनायी गयी. जबकि एक अन्य अभियुक्त को दोष मुक्त किया गया. सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक अरुण कुमार चौधरी ने बहस में भाग लिया.
बताया जाता है कि पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर 2 मार्च 2014 को शहर के मकसुसपुर में छापेमारी कर मो हसन इमाम के घर तहखाने में चल रहे मिनीगन फैक्टरी का उद्भेदन किया था. जहां से सैकड़ों की संख्या में निर्मित-अर्धनिर्मित पिस्टल, बैरल, मैगजीन व जिंदा कारतूस सहित भारी मात्रा में हथियार बनाने के उपकरण बरामद किये गये थे. पुलिस ने वहां से हसन इमाम एवं उसके पुत्र इम्त्यिाज उर्फ सोनू को गिरफ्तार किया़ इस मामले में तत्कालीन थानाध्यक्ष सबीबुल हक ने अपने बयान पर हसन इमाम, उसके दो पुत्र क्रमश: इम्त्यिाज उर्फ सोनू व मो सरफराज तथा एक अन्य
अजहर साबरी के विरुद्ध कासिम बाजार थाना कांड 301/14 दर्ज किया था. जबकि मामले का अनुसंधान अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी रंजन कुमार ने किया था. न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्य एवं गवाहों के बयान के आधार पर हसन इमाम व उनके दोनों पुत्रों को आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-a)a, 25(1-b)a, 25(1-c)a, 26(1)(2)(3) एवं 35 आर्म्स एक्ट में दोषी पाते हुए अधिकतम सात साल सश्रम कारावास की सजा की सुनायी. वहीं एक अन्य आरोपी अजहर शाबरी को मामले में दोष मुक्त करते हुए रिहा किया गया.
