मद्य निषेध अिभयान. मानव शृंखला में शामिल हुए एक लाख लोग
समाहरणालय के समक्ष मानव शृंखला में मुंगेर जिले के प्रभारी मंत्री सह राज्य के पंचायती राज मंत्री कपिलदेव कामत, प्रभारी सचिव सह कृषि विभाग के प्रधान सचिव, विधायक, प्रमंडलीय आयुक्त, डीएम, एसपी, जिप अध्यक्ष, मेयर सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी हुए शामिल.
मुंगेर : नशा मुक्त बिहार अभियान के तहत शनिवार को बनाये गये मानव श्रृंखला में मुंगेर जिले में लगभग एक लाख लोग शामिल हुए. जिले में कुल मानव श्रृंखला 184 किलोमीटर की बनी. जिसमें 55 किलोमीटर मुख्य श्रृंखला थी जो राष्ट्रीय उच्च पथ 80 पर बाहाचौकी से लेकर घोरघट तक बनायी गयी. वहीं सुलतानगंज-देवघर पथ के कमरांय से असरगंज बाजार स्थित शंभुगंज मोड़ तक रही.
समाहरणालय के समक्ष मानव श्रृंखला में मुंगेर जिले के प्रभारी मंत्री सह राज्य के पंचायती राज मंत्री कपिलदेव कामत, प्रभारी सचिव सह कृषि विभाग के प्रधान सचिव सुधीर कुमार, विधायक विजय कुमार विजय, प्रमंडलीय आयुक्त नवीन चंद्र झा, जिलाधिकारी उदय कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक आशीष भारती, जिप अध्यक्ष पिंकी देवी, मेयर कुमकुम देवी सहित अन्य प्रशासनिक
अधिकारी व गणमान्य लोग शामिल हुए. मानव श्रृंखला को लेकर लोगों में काफी उत्साह रहा. किंतु मुख्य मानव श्रृंखला बाहाचौकी से घोरघट तक में कई स्थनों पर ब्रेक रहा. सफियासराय से चंदनपुरा, शहीद स्मारक हेरूदियारा से डकरा, भगत चौकी से बौचाही सहित फरदा पुआरी टोला एवं बड़की फरदा में मानव श्रृंखला का चेन ब्रेक रहा. मुंगेर जिले में कुल 184 किलोमीटर का मानव श्रृंखला बनाया गया. मुख्य मानव श्रृंखला 55 किलोमीटर का बाहाचौकी से घोरघट तक एवं सुलतानगंज-देवघर मार्ग में कमरांय से असरगंज स्थित शंभुगंज मोड़ तक बनाया गया. लेकिन राष्ट्रीय उच्च पथ 80 पर मुख्य मानव श्रृंखला का चेन टूट गया.
लखीसराय जिले से मानव श्रृंखला को बाहाचौकी में मुंगेर से जोड़ा गया. सिंघिया गांव से लेकर हेरूदियारा शहीद स्मारक तक आधे दर्जन स्थानों पर मानव श्रृंखला का चेन टूटा रहा. फरदा पुवारी टोला, बड़की फरदा, पड़हम शहीद स्मारक से डकरा पुल तक कहीं 200 तो कहीं 300 मीटर तक श्रृंखला नहीं थी. जबकि अपराह्न 12:40 बजे रामनगर पंचायत एवं जानकीनगर पंचायत के बीच मानव श्रृंखला पूरी तरह से टूटी रही.
रामनगर पंचायत के मुस्तफाचक के मोर्या मोटर्स के समीप लगभग 400 मीटर तक एवं चंदनपुरा मिल्कीचक के समीप 700 मीटर तक एनएच वीरान दिख रहा था. इसी प्रकार नौवागढ़ी के वारिस टोला मसजिद मोड़ के समीप 100 मीटर, भगत चौकी से मुसना पुल से बोचाही तक 300 मीटर तक एनएच के मुख्य श्रृंखला में लोग खड़े नहीं थे. बरियारपुर के एकाशी मोड़, महेशपुर, कल्याण टोला एवं कल्याणपुर के समीप मानव श्रृंखला का चेन टूटा हुआ था.
प्रशासन का दावा : चार लाख लोग हुए शामिल
मानव श्रृंखला मुंगेर जिले में छिटपुट मामलों को छोड़ शांतिपूर्ण संपन्न हो गया. प्रशासनिक स्तर पर चार लाख लोगों के शामिल होने के दावे किये गये. जिले में मानव श्रृंखला को लेकर प्रात:काल से ही उत्साह का माहौल था. बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे से लेकर सरकारी व गैर सरकारी, राजनीतिक व सामाजिक संगठन के लोग इसमें भाग लेने के लिए निकल पड़े. आम लोगों के साथ ही जीविका की महिला, आशा, एएनएम, आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका, टोला सेवक, प्रेरक, वरीय प्रेरक, साक्षरता से जुड़े कर्मी मानव श्रृंखला में भाग लिये. मुंगेर समाहरणालय के समीप 11:30 बजे मंत्री व अधिकारियों का जमावड़ा लग गया.
प्रभारी मंत्री सह राज्य के पंचायती राज मंत्री कपिलदेव कामत, प्रभारी प्रधान सचिव सुधीर कुमार, प्रमंडलीय आयुक्त नवीन चंद्र झा, स्थानीय विधायक विजय कुमार विजय, जिलाधिकारी उदय कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक आशीष भारती सहित बड़ी संख्या में अधिकारी, राजनीतिक व सामाजिक कार्यकर्ता मानव श्रृंखला बनाकर खड़े हुए. जिसमें मेयर कुमकुम देवी, जिला परिषद अध्यक्ष पिंकी देवी, अपर समाहर्ता ईश्वर चंद्र शर्मा, डीडीसी रामेश्वर पांडेय, कांग्रेस जिलाध्यक्ष सौरभ निधि सहित अन्य लोग शामिल थे. समाहरणालय के अंबेदकर चौक के समीप से लेकर किला के दक्षिणी द्वार तक जहां नेट्रोडम एकेडमी की
छात्र-छात्राएं कतारबद्ध खड़े थे. वहीं अंबेदकर चौक से किला के पूर्वी द्वार होते हुए पूरबसराय डीएवी स्कूल तक स्कूली बच्चों व शहर के नागरिकों ने इसमें अपनी भागीदारी निभायी. जदयू व राजद के कार्यकर्ता बढ़-चढ़ कर भाग ले रहे थे. इधर प्रशासनिक स्तर पर इस मानव श्रृंखला में लगभग चार लाख लोगों के शामिल होने के दावे किये गये हैं. मुंगेर जिले में मुख्य मानव श्रृंखला को छोड़ कुल दस मार्गों में श्रृंखला बनायी गयी. बाहाचौकी से घोरघट के 55 किलोमीटर श्रृंखला के अतिरिक्त दस सब रूट संग्रामपुर से तारापुर, खड़गपुर से तारापुर, टेटियाबंबर से राजारानी तालाब, तारापुर से असरगंज, बरियारपुर से बहादुरपुर, सदर प्रखंड से तेलिया तालाब, जिला मुख्यालय से पूरबसराय ट्रेनिंग कॉलेज, जिला मुख्यालय से हेरूदियारा, धरहरा प्रखंड से बीआरसी फुलका तथा फुलका से सफियाबाद एनएच 80 तक मानव श्रृंखला का निर्माण किया गया.
मुख्य शृंखला से नहीं जुड़ पाया शहर : निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जिले के मुख्य श्रृंखला को अलग-अलग जगहों से जोड़ने की योजना थी. इसके लिए बैठकों का दौर भी चलता रहा. लेकिन मुख्य श्रृंखला से मुंगेर शहर तक नहीं जुड़ पाया. मुंगेर समाहरणालय से पूरबसराय बांक होते हुए श्रृंखला को तेलिया तालाब में एनएच 80 में जुड़ना था. किंतु यह श्रृंखला पूरबसराय डीएवी स्कूल तक ही बन पाया और हाजीसुभान से लेकर तेलिया तालाब तक की सड़कें वीरान रह गयी. इसी प्रकार समाहरणालय से बेलन बाजार चूआबाग होते हुए श्रृंखला को शहीद स्मारक पर मुख्य श्रृंखला में जोड़ना था. किंतु यह श्रृंखला भी चूआबाग से आगे मोकबिरा चांयटोला तक ही खत्म हो गया और वहां से हेरूदियारा तक श्रृंखला नहीं बनी.
वाहन की छत पर लाद कर ढोये गये बच्चे
हर स्कूल के बच्चों के लिए एनएच 80 पर जगह निर्धारित की गयी थी. प्रधानाध्यापक व शिक्षक मैजिक व ऑटो पर बच्चों को भेड़-बकरियों की तरह ढो रहे थे. तेलिया तलाब के समीप एक मैजिक वाहन से मध्य विद्यालय प्रखंड मुख्यालय बेनीगीर से बच्चों को मानव श्रृंखला में शामिल होने के लिए ले जाया जा रहा था. वाहन के अंदर जहां बच्चे खचा-खच भरे थे. वहीं वाहन के छत पर भी दर्जन भर बच्चों को बैठा दिया गया था. वाहन पूरी स्पीड के साथ एनएच 80 पर दौड़ रहा था. यहां तक कि सुरक्षा व्यवस्था में तैनात दंडाधिकारी व पुलिस अधिकारी भी वाहन को नहीं रोका. अलबत्ता यह तेलिया तालाब के समीप ड्रॉप गेट के बैरियर को उठा कर वाहन को पार कराया गया. इधर संग्रामपुर प्रखंड के कटियारी मध्य विद्यालय के बच्चों को टेंपो व मौजिक वाहन की छत पर ढोकर चेन में शामिल करने के लिए ले जाया गया. कई विद्यालयों ने वाहन के अभाव में अपने बच्चों को स्कूल में ही छोड़ दिया, जिससे बच्चे अपने आपको ठगा महसूस कर रहे थे.
