भीमबांध बनेगा पर्यटन स्थल : सीएम

हर्षोल्लास . सीआरपीएफ कैंप में हेलीकॉप्टर के उतरते ही दौड़े ग्रामीण बुधवार को भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सीएम नीतीश कुमार नक्सल प्रभावित क्षेत्र के भीमबांध स्थित सीआरपीएफ कैंप में पहुंचे. हेलीकॉप्टर उतरते देख ग्रामीण दौड़ पड़े. मौके पर सीएम ने लोगों से बात की व क्षेत्र के समुचित विकास का आश्चासन दिया. मुंगेर/ लक्ष्मीपुर […]

हर्षोल्लास . सीआरपीएफ कैंप में हेलीकॉप्टर के उतरते ही दौड़े ग्रामीण

बुधवार को भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सीएम नीतीश कुमार नक्सल प्रभावित क्षेत्र के भीमबांध स्थित सीआरपीएफ कैंप में पहुंचे. हेलीकॉप्टर उतरते देख ग्रामीण दौड़ पड़े. मौके पर सीएम ने लोगों से बात की व क्षेत्र के समुचित विकास का आश्चासन दिया.
मुंगेर/ लक्ष्मीपुर : जमुई से मुंगेर जाने के क्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का हेलीकाप्टर बुधवार सुबह गरम जलकुंड भीमबांध में सीआरपीएफ कैंप पर उतरा. अचानक हेलीकप्टर को उतरते देख ग्रामीण अचंभित हो गये. ग्रामीण यह जानने के लिए जब हेलीपैड के पास गए तब मालूम हुआ की मुख्यमंत्री आये हैं.
मुख्यमंत्री का काफिला जब गरमजल कुंड की ओर बढ़ा तो ग्रमीण भी मुख्यमंत्री को देखने दौड़ पड़े. जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भीमबांध स्थित गरमजल कुंड के पास पहुंचकर बारीकी से आसपास के स्थानों का निरीक्षण कर साथ में चल रहे प्रशासनिक अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिया. करीब एक से डेढ़ घंटे रुकने के दौरान वहां जुटे ग्रामीणों को पास बुलाकर हालचाल पूछा. ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के सामने अपनी समस्या को रखते हुए कहा कि इस पर्यटक स्थल को विकसित किया जाए. जिससे आमलोगों के लिए काफी अच्छा रहेगा.
मौके पर गांव के लोगों ने बताया कि हमलोगों को बिजली की सुविधा नहीं है,स्कूल में शिक्षक नहीं है, इलाज के लिए कोई स्वास्थ सुविधा नहीं है. हम ग्रामीण सात से आठ किलो मीटर पैदल चलकर इलाज के लिए जाते हैं. सड़क का भी अभाव है. पेयजल की भी कोई सुविधा नहीं है. बगल में पानी रहते हुए भी सिंचाई की कोई सुविधा नहीं है. ग्रामीणों की समस्या सुन मुख्यमंत्री ने उपस्थित ग्रामीणों को सारी समस्या को दूर करवाने का आश्वासन दिया. मुख्यमंत्री ने इस दौरान वहां रहे दर्जनों लोगों को अपने हाथों से कंबल भी दिया. मुख्यमंत्री की अगुवाई में मुंगेर के बरीय पुलिस पदाधिकारी के साथ जमुई के एसपी, सीआरपी 131 के कमांडेंट व जवान तैनात थे.
पहली बार नक्सल प्रभावित क्षेत्र भीमबांध पहुंचे सीएम
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पहाड़ व जंगल के बीच अवस्थित प्रसिद्ध पर्यटक स्थल भीमबांध को विकसित करने के लिए हरी झंडी दे दी है. वे हेलीकॉप्टर से जमुई से मुंगेर आने के दौरान भीमबांध में उतरे और वहां के गरम जल के कुंड व प्राकृतिक सौंदर्य को देखकर अभिभूत हो गये. उनके साथ राज्य के मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह व डीजीपी प्रमोद कुमार ठाकुर भी थे. उन्होंने मुख्य सचिव को बहुविभागीय टीम बनाकर इस क्षेत्र के सर्वे का निर्देश दिया और इसे पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने के लिए पूरी रूपरेखा तैयार करने को कहा.
मुख्यमंत्री का हेलीकाप्टर जमुई से उड़ान भरा और नक्सल प्रभावित भीमबांध में सीआरपीएफ कैंप के हेलीपैड पर उतरा. सीएम ने पहाड़ों से गिर रहे झरने एवं गर्म कुंड का निरीक्षण किया. साथ ही स्थानीय लोगों से भी बात की. शिक्षा और स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से पिछड़े इस क्षेत्र को बुनियादी सुविधा से वंचित देखा. उन्होंने पोलो मैदान की सभा में जहां भीमबांध का जिक्र किया, वहीं उसके उत्थान की बात की. जिला परिषद के सभागार में प्रधान सचिवों एवं मुंगेर व जमुई जिले के अधिकारियों की बैठक में भीमबांध को विकसित करने पर सीएम ने विस्तार से चर्चा की. उन्होंने कहा कि वे पहली वार भीमबांध गये जो पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हो सकता है. उन्होंने मुख्य सचिव को बहुविभागीय टीम बना कर इस क्षेत्र का सर्वे कराने तथा वन एवं पर्यावरण विभाग के प्रधान सचिव विवेक कुमार सिंह एवं जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव अरुण कुमार सिंह को निर्देश दिया कि वे अपने एक्सपर्ट से भी इस क्षेत्र का सर्वे करायें. मुख्यमंत्री ने इसके लिए एक माह की समय सीमा तय की. साथ ही इसका प्रधान सचिव स्तर पर समीक्षा की जायेगी. सीएम ने कहा कि भीमबांध क्षेत्र दो जिलों में बंटा हुआ है इसलिए आयुक्त इस मामले में कॉडिनेट करेंगे.
सभी लोगों तक पहुंचे बुनियादी सुविधा
भीमबांध क्षेत्र निरीक्षण के दौरान लोगों ने सीएम के सामने सड़क, स्वास्थ्य एवं शिक्षा जैसी समस्याओं को रखा. सीएम ने प्रधान सचिवों व अधिकारियों की बैठक में कहा कि लोगों तक बुनियादी सुविधा पहुंचे इसके लिए सरकार अपने नीतिगत निर्णय में बदलाव कर सकती है. सीएम को ग्रामीणों ने बताया कि यहां विद्यालय में शिक्षक नहीं आते हैं. जिस पर सीएम ने बैठक में शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव आरके महाजन को निर्देश दिया कि वे इस दिशा में उचित कार्रवाई करें. उस क्षेत्र के पढ़े लिखे लोगों को जिम्मेदारी देने पर चर्चा हुई तो शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव ने उचित कार्रवाई की बात कही. सीएम ने कहा कि क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल पा रही है. इसलिए इस क्षेत्र के ग्रामीण चिकित्सक एवं आयुर्वेद चिकित्सक को दो माह का विशेष प्रशिक्षण दिलाने का निर्देश स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को दिया.
चंदन व संतन को अपने साथ ले गये सीएम
स्थानीय ग्रामीणों द्वारा बच्चों को मिलने वाली शिक्षा के अभाव की शिकायत को मुख्यमंत्री ने गंभीरता से लिया. उन्होंने ग्रामीणों से पूछा कि इस गांव में कोई ऐसा युवक है, जिसने बाहर पढ़ाई की हो. सीएम के इस सवाल पर संग्रामपुर निवासी पुण्य सिंह के दो पुत्र चंदन कुमार व संतन कुमार सामने आया. सीएम दोनों को अपने साथ मुंगेर लेते चले गये. मुंगेर में समारोह के दौरान चंदन कुमार को राज्य का पहला स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड सौंपा. वह इसे पाकर बहुत खुश हुआ.
कृषि के क्षेत्र में होगा समुचित विकास
भीमबांध स्थित गर्म जल कुंडों के ईर्द गिर्द खेतों को देखकर मुख्यमंत्री ने यहां कृषि के विकास की संभावनाओं पर भी सवाल किया. स्थानीय लोगों द्वारा सहमति जताए जाने पर सीएम ने कहा कि यहां डैम का निर्माण कराया जाएगा और हर खेत को पानी मिलेगा.
भीमबांध के विकास को ले एक साल का लिया वक्त
सीएम ने भीमबांध को उत्कृष्ट पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने से लेकर स्थानीय गांवों में विकास की लौ जलाने के लिए लोगों से मात्र एक साल का वक्त लिया. उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि एक साल के अंदर भीमबांध के लोगों के हर सपने को पूरा कर दूंगा .उन्होंने यह भी कहा कि भीमबांध का बहुत नाम सूना था ,आज देखने का मौका मिल गया. सीएम ने जाते जाते लोगों के बीच 200 से अधिक कंबल और शौचालय के लिए स्टील सीट का वितरण किया.

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