रेलवे की व्यवस्था नाकाफी
जमालपुर : महापर्व छठ बिहारवासियों के लिए सबसे बड़ा त्योहार माना जाता है. इस मौके पर देश के विभिन्न स्थानों में रोजी-रोजगार व नौकरी करने वाले लोग अवश्य ही घर आते हैं. जिसके आवागमन का सबसे महत्वपूर्ण साधन है रेल. किंतु रेल प्रशासन ने छठ पर्व पर आने वाले लोगों के लिए जो व्यवस्था की है वह नाकाफी है. फलत: यात्रियों को ट्रेनों में भेड़-बकरियों की तरह यात्रा करनी पड़ रही. आरक्षण कराकर या टिकट कटा कर भी लोगों को भारी कष्टपूर्ण यात्रा हो रही है.
रेल प्रशासन ने महापर्व छठ को लेकर किऊल-भागलपुर-साहेबगंज रेलखंड में मात्र सात पूजा स्पेशल ट्रेन की व्यवस्था की गयी है जो क्षेत्र के यात्रियों के दृष्टिकोण से काफी कम है. पूर्व बिहार का मुंगेर, भागलपुर, बांका तथा झारखंड के साहेबगंज, पाकुड़ के लोगों को छठ के मौके पर घर आने में काफी परेशानी हो रही.
बदहाली यह है कि नियमित रूप से चलने वाली ट्रेनों की स्थिति और भी खराब है. इस रेलखंड के सबसे महत्वपूर्ण ट्रेन आनंदविहार-भागलपुर विक्रमशिला एक्सप्रेस की स्थिति अत्यंत ही दयनीय है. इसके सामान्य बोगी में तो तील रखने की भी जगह नहीं रहती. यहां तक कि ट्रेन के बाथरूम से लेकर फर्श पर बैठ कर लोग यात्रा कर रहे हैं. आरक्षण कोच की स्थिति भी मुश्किल भरा सफर हो रहा है. भले ही बर्थ का आरक्षण एक व्यक्ति के नाम से होता है.
किंतु एक बर्थ पर पांच-छह व्यक्ति बैठ कर यात्रा कर रहे हैं. लोगों की मजबूरी यह है कि वे रेलवे को उचित भाड़ा देकर भी नारकीय स्थिति में यात्रा करने को विवश हैं. अलबत्ता यह कि ट्रेनों का समय पर परिचालन भी संभव नहीं हो रहा. प्रतिदिन इस रूट की ट्रेनें विलंब से चल रही है. शनिवार को 14056 डाउन दिल्ली-डिब्रूगढ़ ब्रह्मपुत्र मेल जहां पांच घंटे विलंब से चली. वहीं 15647 लोकमान्य तिलक-गुवाहटी एक्सप्रेस दो घंटे, 13402 दानापुर-भागलपुर इंटरसिटी डेढ़ घंटा, 53044 राजगीर-हावड़ा फास्ट पैसेंजर दो घंटे विलंब से चली. इसी प्रकार
