लापरवाही. संक्रमण का बढ़ा खतरा
सदर अस्पताल में प्रबंधन की लापरवाही के कारण अब यहां भरती मरीज सुरक्षित नहीं हैं. यहां सामान्य मरीजों के साथ ही टीबी मरीजों को भी भरती कर दिया जाता है़
मुंगेर : सामान्य मरीज कभी भी संक्रामक बीमारियों के शिकार हो सकते हैं. जो अन्य मरीजों के लिए काफी खतरनाक हो सकता है़ बावजूद अस्पताल प्रबंधन द्वारा संक्रमित मरीजों के लिए अलग वार्ड की व्यवस्था उपलबध नहीं की गयी है. चंडीस्थान निवासी शंकर सिंह की पत्नी रंजू देवी को चिकित्सकीय जांच के उपरांत यक्ष्मा रोग से ग्रसित पाया गया़ जिसे इलाज के लिए सदर अस्पताल के महिला मेडिकल वार्ड में भरती कर दिया गया़ जहां पहले से ही दर्जन भर सामान्य रोगों से ग्रसित रोगी भरती है. वार्ड में पूर्व से भरती मरीज इस बात से बिल्कुल अंजान थे कि उक्त मरीज को टीबी की बीमारी है़
जिस कारण किसी भी मरीज को टीबी के मरीज से कोई परहेज नहीं था़ किंतु जैसे ही मरीजों को पता चला कि रंजू देवी टीबी रोग से ग्रसित हैं, सबों में हड़कंप मच गया कि कहीं उनलोगों को भी उसका संक्रमण न हो जाये़
विशेष वार्ड बना हाथी का दांत: सदर अस्पताल के महिला विभाग परिसर में एक विशेष वार्ड बनाया गया है़ किंतु यह वार्ड महज हाथी का दांत बन कर रह गया है़ जब भी कोई अधिकारी या मंत्री अस्पताल निरीक्षण के लिए आते हैं, तब इस वार्ड को खोल दिया जाता है़ किंतु जरूरत पड़ने पर इसका उपयोग नहीं के बराबर किया जाता है़ नतीजतन संक्रामक रोग से ग्रसित मरीजों को भी सामान्य मरीजों के साथ ही मेडिकल वार्ड में भरती कर दिया जाता है़ इससे पहले डेंगू व मलेरिया के मरीजों को भी मेडिकल वार्ड में ही भरती किया गया था़
कहते हैं अस्पताल उपाधीक्षक: अस्पताल उपाधीक्षक डॉ राकेश कुमार सिन्हा ने बताया कि उनके संज्ञान में ऐसे किसी मरीज की जानकारी नहीं है़ यदि ऐसा है तो उक्त मरीज को वहां से हटा कर विशेष वार्ड में शिफ्ट किया जायेगा़
सदर अस्पताल परिसर.
