हड़ताल के कारण परेशान रहे रोगी लिया निजी क्लिनिकों का सहारा

इमरजेंसी वार्ड से वापस लौटते रोगी. मुंगेर : लंबित वेतन की भुगतान को लेकर स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा किये गये हड़ताल में चिकित्सक भी शामिल हो गये़ इस कारण सभी आउटडोर सेवा जहां बंद रही, वहीं इमरजेंसी सेवा भी पूरी तरह बाधित रही. इलाज के लिए पहुंचे न सिर्फ सामान्य मरीज, बल्कि गंभीर मरीजों को भी […]

इमरजेंसी वार्ड से वापस लौटते रोगी.

मुंगेर : लंबित वेतन की भुगतान को लेकर स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा किये गये हड़ताल में चिकित्सक भी शामिल हो गये़ इस कारण सभी आउटडोर सेवा जहां बंद रही, वहीं इमरजेंसी सेवा भी पूरी तरह बाधित रही. इलाज के लिए पहुंचे न सिर्फ सामान्य मरीज, बल्कि गंभीर मरीजों को भी बिना इलाज कराये ही अस्पताल से वापस लौटना पड़ा़
केस स्टडी- 1
बरियारपुर प्रखंड के कल्याणपुर गांव निवासी नि:शक्त विमल मंडल अपने घायल पुत्र लड्डू मंडल को गंभीर अवस्था में इलाज कराने सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड पहुंचे़ काफी देर तक जब उसका इलाज नहीं किया गया, तब वे लोग बिना इलाज कराये ही वापस घर लौट गये़
केस स्टडी- 2
शहर के रायसर निवासी बलराम झा को उसके परिजनों ने घायलावस्था में अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भरती कराया़ जो खून से पूरी तरह लथपथ था़ किंतु वह घंटों बेड पर पड़ा रहा, लेकिन उसके इलाज के लिए चिकित्सक नहीं पहुंचे़ हालांकि सिविल सर्जन के हस्तक्षेप के बाद घायल का इलाज किया गया़
केस स्टडी- 3
सदर प्रखंड के शिवगंज निवासी 60 वर्षीय सुभाष सिंह को उनके परिजनों ने गंभीर अवस्था में इलाज के लिए भरती कराया, वे सांस रोग से पीड़ित थे़ परिजनों ने अस्पताल में मौजूद कई चिकित्सकों से काफी आरजू-विनती की, किंतु मरीज का इलाज नहीं किया गया़ अंतत: मरीज को इलाज के लिए निजी क्लिनिक में भरती कराना पड़ा़

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