चिंता. गोपालीचक महादलित टोले में कई लोग पीड़ित
नक्सल प्रभावित गोपालीचक महादलित टोला में गुरुवार को डायरिया से पीड़ित एक बच्ची की मौत हो गयी़ वहीं दर्जन भर लोग डायरिया से पीड़ित हैं.
धरहरा : स्वास्थ्य विभाग द्वारा अब तक डायरिया से बचाव को लेकर कोई मुकम्मल व्यवस्था नहीं की गयी है़
बंगलवा पंचायत के गोपालीचक महादलित टोला निवासी गौतम मांझी की सात वर्षीय पुत्री पार्वती कुमारी पिछले 19 अक्टूबर को ही डायरिया से ग्रसित हो गयी थी़ जिसे परिजनों ने इलाज के लिए
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र धरहरा में भरती कराया़ किंतु वहां पर मौजूद चिकित्सक ने इलाज के नाम पर महज खानापूर्ति करते हुए बच्ची को बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर कर दिया़
गौतम ने बताया कि वे रुपये के अभाव में अपनी पुत्री को सदर अस्पताल नहीं ले जा सका़ बच्ची की बिगड़ती हालत को देख वह अंत में पास के ही एक निजी क्लिनिक पर गया़ किंतु उसकी स्थिति बिगड़ती चली गयी और गुरुवार को उसकी मौत हो गयी. इस सबंध में जिलाधिकारी उदय कुमार सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग को अविलंब एक चिकित्सकीय दल धरहरा भेजने का निर्देश दिया गया है़
बच्ची की मौत के बाद शोकाकुल परिजन
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नहीं पहुंचा चिकित्सकों का दल
गोपालीचक महादलित टोला में डायरिया से दर्जनों लोग पीड़ित हैं. जिसमें अनिल मांझी की साढ़े तीन साल की पुत्री मुन्नी, रामविलास मांझी का पुत्र राकेश कुमार, गिरीश मांझी की पत्नी सोनी देवी, गनौरी मांझी की पुत्री चुलबुल तथा पुत्र बुलबुल, नुनेश्वर मांझी की पुत्री खुशबू कुमारी, मुकेश मांझी का पुत्र अमित कुमार, नन्हकु मांझी का मां महौली देवी, भगवान मांझी की पुत्री नेहा कुमारी, मोहन मांझी का पुत्र सुपर कुमार तथा सुधीर मांझी का पुत्र राज कुमार शामिल है.
किंतु गुरुवार की देर शाम तक मरीजों के इलाज के लिए चिकित्सक का दल गांव नहीं पहुंच पाया था़ वहीं डायरिया प्रभावित ग्रामीण निजी क्लिनिक के भरोसे जैसे-तैसे मरीजों का इलाज करवा रहे हैं. ग्रामीणों ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर डायरिया की बीमारी का समुचित इलाज नहीं किये जाने के कारण वे लोग वहां नहीं जा रहे़
