आक्रोश. न्यायालय गेट बंद करने को लेकर
मंगलवार से अधिवक्ता अपने को न्यायिक कार्य से अलग रखेंगे और काम नहीं करेंगे.
मुंगेर : मुंगेर विधिज्ञ संघ के अधिवक्ता व्यवहार न्यायालय के विभिन्न गेटों में ताला लगाने के विरोध में मंगलवार से अपने को न्यायिक कार्य से अलग रखेंगे और काम काज नहीं करेंगे. यह निर्णय सोमवार को विधिज्ञ संघ की आमसभा में ली गयी. उसकी अध्यक्षता वरीय अधिवक्ता उपेंद्र प्रसाद यादव ने की.
मुंगेर व्यवहार न्यायालय के मुख्य द्वार सहित चार प्रवेश द्वार को सुरक्षा कारणों से एक पखवारा पूर्व बंद कर दिया गया है और मात्र एक प्रवेश प्रवेश द्वार खोल कर रखा गया है. जिससे अधिवक्ताओं व न्यायालय आने वाले मुवक्किल को काफी परेशानी हो रही है. इस संदर्भ में विगत 29 जुलाई को वार एसोसिएशन का एक प्रतिनिधि मंडल तदर्थ समिति के महासचिव अभिमन्यु मंडल के नेतृत्व में जिला एवं सत्र न्यायाधीश से मिल कर अपनी परेशानियों से अवगत कराया था.
साथ ही विधिज्ञ संघ मुख्य द्वार के सामने वाले गेट संख्या तीन को तत्काल खोलने का अनुरोध किया था. प्रतिनिधि मंडल में वार एसोसिएशन के सालंधर प्रसाद केशरी, रामचरित्र प्रसाद यादव, शशि शेखर सिंह, कमल किशोर प्रसाद शामिल थे. इस संदर्भ में जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने जिला पदाधिकारी व पुलिस अधीक्षक की बैठक भी बुलायी थी.
इधर सोमवार को मुंगेर विधिज्ञ संघ की आम सभा में अधिवक्ताओं ने एक प्रस्ताव पारित किया. जिसमें व्यवहार न्यायालय के सभी प्रवेश द्वारों को खोलने तक अपने को न्यायालय कार्य से अलग रखने का निर्णय लिया. विदित हो कि अधिवक्ताओं को उपभोक्ता न्यायालय व आयुक्त न्यायालय के साथ ही व्यवहार न्यायालय परिसर के विभिन्न न्यायालयों में जाने में परेशानी हो रही है.
