सिविल सर्जन ने मंगलवार को सदर अस्पताल के वार्डों का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्हें कई खामियां मिलीं. उन्होंने इसे दूर करने की सख्त चेतावनी दी. सोमवार को बीपी मशीन खराबी की खबर छपने के बाद सीएस ने संज्ञान लिय. नयी मशीन लायी गयी.
मुंगेर : मुंगेर सदर अस्पताल की बदहाल व्यवस्था का जायजा लेने जब अस्पताल के अधीक्षक सह सिविल सर्जन डॉ श्रीनाथ मंगलवार की सुबह विभिन्न वार्डों का जायजा लिया तो कुव्यवस्था ही कुव्यवस्था नजर आयी. उन्होंने व्यवस्था पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अस्पताल उपाधीक्षक को तत्काल इसमें सुधार लाने के निर्देश दिये. साथ ही इमरजेंसी वार्ड में खराब बीपी मशीन को तत्काल बदला गया. एसएनसीयू व प्रसव वार्ड में लो वोल्टेज की समस्या के समाधान के भी निर्देश दिये गये.
विभिन्न विभागों का किया निरीक्षण: सुबह 8:35 बजे सिविल सर्जन अस्पताल उपाधीक्षक कार्यालय पहुंचे. वहां मौजूद उपस्थिति पंजी में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की हाजिरी देखी़ वहां के बाद वे बारी-बारी से इमरजेंसी वार्ड, दवा वितरण केंद्र, प्रसव केंद्र, चक्षु विभाग तथा एसएनसीयू का निरीक्षण किये़ जहां कई खामियां पायी गयी़ जिस पर उन्होंने अस्पताल उपाधीक्षक को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया और व्यवस्था में सुधार लाने की बात कही.
एसएनसीयू की व्यवस्था में होगा सुधार: सिविल सर्जन ने प्रसव केंद्र व एसएनसीयू में लो वोल्टेज की समस्या पायी़ इसके कारण वार्ड में लगे एसी काम नहीं कर रहे थे. वहां मौजूद एएनएम शारदा देवी को रोस्टर के अनुसार ड्यूटी करने का निर्देश दिया. वे प्रसव केंद्र में ड्यूटी रहने के बावजूद डीएस के मौखिक निर्देश पर एसएनसीयू में ड्यूटी कर रही थी़ सिविल सर्जन ने कहा कि एसएनसीयू में ऑक्सीजन सप्लाई व उसके नियंत्रण के लिए एंबुलेंस के इएमटी को 8-8 घंटे के शिफ्ट पर तैनात किया जाये.
बदला गया इमरजेंसी वार्ड का बीपी मशीन
इमरजेंसी वार्ड के निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन ने पाया कि यहां का बीपी मशीन खराब है. जिसे तत्काल बदल कर नया बीपी मशीन मंगाया गया़ विदित हो कि सोमवार को स्थानीय विधायक विजय कुमार विजय सदर अस्पताल में बीपी जांच कराने पहुंचे थे. किंतु मशीन खराब होने के कारण वे बीपी का जांच नहीं करा पाये थे. जिसकी शिकायत उन्होंने जिलाधिकारी व सिविल सर्जन से की थी.
निरीक्षण के दौरान ड्रेसिंग रूम में हमेशा दो ट्रे को सुसज्जित रखने का निर्देश दिया गया़ साथ ही ड्रेसर को निर्देश दिया गया कि एंटी रैबिज वैक्सीन तथा सामान्य इंजेक्सन 10 बजे के बजाय सुबह 8 बजे से ही मरीजों को उपलब्ध कराया जाये. उन्होंने वहां मौजूद ट्रेनिंग स्टाफ को ड्रेस कोड में रहने का निर्देश दिया.
