अब कैसे बुझेगी प्यास

मुंगेर : मुंगेर शहर की जलापूर्ति योजना तो बीरबल का खिचड़ी बन कर रह गया है. यह योजना जब तक चालू नहीं हो जाती तब तक सिर्फ घोषणाओं का प्यास बुझायी जा रही है. दूसरी ओर शहर में लगे चापाकल की मरम्मती नहीं हो पा रही है. 100 से अधिक चापाकल खराब . मुंगेर शहर […]

मुंगेर : मुंगेर शहर की जलापूर्ति योजना तो बीरबल का खिचड़ी बन कर रह गया है. यह योजना जब तक चालू नहीं हो जाती तब तक सिर्फ घोषणाओं का प्यास बुझायी जा रही है. दूसरी ओर शहर में लगे चापाकल की मरम्मती नहीं हो पा रही है.
100 से अधिक चापाकल खराब . मुंगेर शहर के मुख्य बाजार से लेकर हर गली – मुहल्ले में दर्जनों चापाकल खराब पड़े है. इनमें सामान्य चापाकल से लेकर डीपीटी चापाकल भी शामिल है. शहर के आजाद चौक से लेकर, श्रवण बाजार, अंबे चौक, बेकापुर, गांधी चौक, मयूर चौक, तोपखाना बाजार, लालदरवाजा, पूरबसराय, शाहजुबेर रोड, रिफ्यूजी कॉलोनी में पांच-सात की संख्या में चापाकल खराब है. जिसे निगम प्रशासन या पीएचइडी द्वारा ठीक नहीं किया जा रहा है.
विभिन्न योजनाओं से लग रहे चापाकल . शहर में विधायक एवं नगर निगम द्वारा बड़ी संख्या में चापाकल लगाये गये है. मुंगेर के निवर्तमान विधायक अनंत कुमार सत्यार्थी के कोटे से शहरी क्षेत्र में लगभग 300 चापाकल नये लगाये गये. चापाकल लगाने के लिए स्थल चयन में भी घोर अनियमितता व मनमानी झलकती है. कई स्थानों पर तो निगम के समरसेबल प्याऊ के बगल में ही चापाकल लगा दिया गया है. किला परिसर के अंबेदकर चौक के समीप भी यही दशा है.
कहते हैं कार्यपालक अभियंता . पीएचइडी विभाग के कार्यपालक अभियंता सरयुग राम ने कहा कि खराब पड़े चापाकल को ठीक करने के लिए मार्च में ड्राइव चलाया जायेगा. उन्होंने कहा कि विभाग में मिस्त्री की कमी है. जिसके कारण परेशानी हो रही है.

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