मुंगेर : एसबीएन कॉलेज गढ़ीरामपुर, पाटम के सचिव परमानंद सिंह का इलाज के दौरान शुक्रवार को पटना में निधन हो गया, वे 74 साल के थे. उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए पैतृक गांव गढ़ीरामपुर लाया गया. जहां कॉलेज के प्राचार्य, शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मचारी एवं ग्रामीणों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी. भाजपा नेत्री एवं उनकी पुत्री अंजू भारद्वाज ने बताया कि वे पिछले कई माह से बीमार चल रहे थे. पिछले माह ही उन्हें इलाज के लिए उन्हें मुंबई ले जाया गया था.
जहां चिकित्सकों ने उन्हें ब्लड कैंसर से ग्रसित बताया. वहां से वापस लौटने पर उन्हें पटना के पारस हॉस्पीटल में भरती कराया गया था. किंतु शुक्रवार को इलाज के दौरान उनका निधन हो गया. एसबीन कॉलेज की स्थापना वर्ष 1983 में की गयी थी. तब से वे एक माली के भांति कॉलेज को सींचते रहे. जिसके फलस्वरूप उन्होंने काफी भाग- दौड़ कर इंटर कॉलेज को डिग्री कॉलेज का दर्जा दिलाया.
उनकी इस उपलब्धि से आस-पड़ोस के दर्जन भर गांव के छात्र- छात्राओं को गांव में ही डिग्री की पढ़ाई संभव हो पायी. खेतों में नये-नये प्रभेदों के फसल को लगाना एवं अन्य किसानों को भी उनकी जानकारी देना उन्हें खूब भाता था. इसके अलावे वे खुद से पशुपालन भी करते थे. वे हमेशा किसी न किसी कार्य में व्यस्त रहना चाहते थे. परमानंद सिंह के निधन पर राज्य के जल संसाधन मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, विधान पार्षद संजीव कुमार सिंह, प्रो. सुधीर कुमार, राजीव नयन ने गहरी संवेदना व्यक्त की है. इधर वरिष्ठ नागरिक मंच के अध्यक्ष नवल किशोर प्रसाद सिंह, उमेश नंदन कुंवर, बमशंकर सिंह ने भी उनके निधन गहरी संवेदना व्यक्त की है.
