मुंगेर : जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया की रिहाई की मांग को लेकर वाम पंथी समन्वय समिति मुंगेर द्वारा गुरुवार को प्रतिरोध मार्च निकाला तथा समाहरणालय पर प्रदर्शन किया. बाद में जिलाधिकारी से मिल कर 4 सूत्री मांगों का एक ज्ञापन राष्ट्रपति के नाम सौंपा. कार्यक्रम का नेतृत्व भाकपा के जिला सचिव कामरेड दिलीप कुमार कर रहे थे. वामपंथियों ने दिलीप बाबू धर्मशाला पूरबसराय से प्रतिरोध मार्च निकाला जो शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए समाहरणालय पहुंचा.
जहां पर कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया. प्रतिरोध मार्च में शामिल कार्यकर्ता केंद्र सरकार के विरोध में नारे लगा रहे थे. वक्ताओं ने कहा कि जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार को आरएसएस, भाजपा एवं एबीभीपी द्वारा एक साजिश के तहत झूठे देशद्रोह के मुकदमे में फंसाया गया है. कोर्ट में पेशी के दौरान संघी गुंडों द्वारा छात्रों, शिक्षकों एवं पत्रकारों पर हमला किया गया. यह हमला अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है जो देश हित में नहीं है. वक्ताओं ने कहा कि भाजपा जनता को भ्रमित कर मूल मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए तरह-तरह के भावनात्मक हथकंडे अपना रही है.
आरएसएस एक योजना के तहत विभिन्न विश्वविद्यालयों में एबीभीपी द्वारा अपने एजेंडे को लागू कराना चाहती है. जिसके कारण हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय में दलित छात्र रोहित बैमुला को प्रताडि़त किया गया. जिससे तंग आकर उसने आत्महत्या कर लिया. अब वही काम जेएनयू में दोहराया जा रहा है. प्रतिरोध मार्च में भाकपा माले के अशोक कुमार, एसयूसीआइ के प्रमोद कुमार, सीपीएम के अमित कुमार सिन्हा, एआइवाइएफ के विजय कुमार मंडल, एआइडीएसओ के विकास कुमार, संजीवन कुमार सिंह, वकील प्रसाद यादव, रामविलास मंडल, जवाहर पासवान मौजूद थे.
