मुंगेर : स्वास्थ्य विभाग लाख चाह ले किंतु सदर अस्पताल की व्यवस्था में सुधार नहीं हो रहा. यहां के अन्य विभागों में बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना तो दूर की बात, इमरजेंसी वार्ड में भी पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं है. यहां तक कि इमरजेंसी वार्ड में ढ़ाई व पांच एमएल की सिरिंच तक उपलब्ध नहीं है. फलत: अब ये सिरिंच भी रोगियों को बाजार से लाना पड़ रहा.
स्लाइन तक उपलब्ध नहीं. सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में एनएस, डीएनएस, डी- 5 जैसे स्लाइन भी उपलब्ध नहीं है. साथ ही कई महत्वपूर्ण दवाएं भी रोगियों को बाजार से खरीदनी पड़ रही. एक ओर स्वास्थ्य विभाग व जिला प्रशासन रोगियों को हर प्रकार की दवा उपलब्ध कराने का दावा कर रही. वहीं स्लाइन व सिरिंच तक नहीं होने से स्थिति बदहाल दिखती है.
बाहर से खरीद रहे सामग्री. अस्पताल में न तो बच्चे के लिए इंट्राकेट की व्यवस्था है और न ही स्टीच करने वाला एनाकैप थ्रेट है. मरीजों को इंजेक्शन लगाने के लिए 10 एमएल वाली सिरिंच उपलब्ध है. जबकि बच्चों को इंजेक्शन लगाने के लिए 5 एमएल व 2.5 एमएल का सिरिंच बाहर से खरीद कर लाना पड़ता है.
कहते हैं अस्पताल उपाधीक्षक. अस्पताल उपाधीक्षक डॉ राकेश कुमार सिन्हा ने बताया कि दवा व सर्जिकल सामग्रियों के लिए विभाग को लिखा गया है.
