अंधापन नियंत्रण : ऑपरेशन का लक्ष्य 3500, उपलब्धि मात्र 990

अंधापन नियंत्रण : ऑपरेशन का लक्ष्य 3500, उपलब्धि मात्र 990 बीत गये आठ माह, जिले में अंधापन नियंत्रण की उपलब्धि मात्र 28 प्रतिशत प्रतिनिधि, मुंगेर ————अंधापन नियंत्रण को लेकर मुंगेर जिल को चालू वित्तीय वर्ष में मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए 3500 का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. किंतु अबतक मात्र 990 का ही ऑपरेशन सरकारी […]

अंधापन नियंत्रण : ऑपरेशन का लक्ष्य 3500, उपलब्धि मात्र 990 बीत गये आठ माह, जिले में अंधापन नियंत्रण की उपलब्धि मात्र 28 प्रतिशत प्रतिनिधि, मुंगेर ————अंधापन नियंत्रण को लेकर मुंगेर जिल को चालू वित्तीय वर्ष में मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए 3500 का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. किंतु अबतक मात्र 990 का ही ऑपरेशन सरकारी अस्पतालों व विभिन्न एनजीओ द्वारा किया गया है जो निर्धारित लक्ष्य का मात्र 28 प्रतिशत ही है. अब जबकि इस वित्तीय वर्ष के समापन में महज तीन माह शेष है तो लक्ष्य को पूरा करने के लिए आपाधापी मची है. कई स्वयंसेवी संगठनों द्वारा आइ कैंप लगाये जा रहे लेकिन सबसे बदहाल स्थिति सदर अस्पताल की है. जहां आइ ऑपरेशन के नाम पर सिर्फ नेत्र रोगियों का ओपीडी चल रहा है. एक सर्जन 30 मरीजों का करेंगे ऑपरेशनपहले ऑपरेशन करने वाले सर्जन पर यह प्रतिबंध नहीं था कि वह एक दिन में कितना ऑपरेशन कर सकते हैं. किंतु हरियाणा व छत्तीसगढ़ में ऑपरेशन के दौरान हुई लापरवाही के मामले सामने आने के बाद भारत सरकार ने सख्त कदम उठाये. स्वास्थ्य परिवार कल्याण विभाग नयी दिल्ली द्वारा यह निर्देश दिश गया है कि मोतियाबिंद ऑपरेशन के दौरान एक दिन में एक सर्जन मात्र तीस मरीजों का ही ऑपरेशन करेंगे. इस निर्देश के बाद से अब ऑपरेशन की गति पर भी काफी प्रभाव पड़ने की संभावना जतायी जा रही है. —————————-बॉक्स————————–मोतियाबिंद ऑपरेशन को लेकर प्रशिक्षण शिविर आयोजित फोटो संख्या : 4फोटो कैप्सन : संबोधित करते चिकित्सक मुंगेर : सदर अस्पताल के प्रशिक्षण भवन में मंगलवार को लेप्रा सोसाइटी साइट सेवर्स के तत्वावधान में अंधापन नियंत्रण के लिए एमओ प्रशिक्षण का आयोजन किया गया. उसकी अध्यक्षता अस्पताल उपाधीक्षक डॉ राकेश कुमार सिन्हा ने की. मौके पर चिकित्सा पदाधिकारी डॉ सुधीर कुमार, डॉ रइस व डॉ रामप्रीत सिंह मुख्य रूप से मौजूद थे.लेप्रा सोसाइटी के जोनल को-ऑडिनेटर अमर सिंह एवं डॉ गिरीश चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि मोतियाबिंद ऑपरेशन को बढ़ावा देने के लिए आशा कार्यकर्ताओं एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं को विशेष योगदान देने की जरूरत है. जो कि मोतियाबिंद से ग्रसित रोगियों को ऑपरेशन के लिए शिविर तक पहुंचाने में मदद करेंगे. इसके लिए उन्हें प्रति मरीज 175 रुपये प्रोत्साहन के तौर पर दिये जायेंगे. इस वित्तीय वर्ष का आठ महीना गुजर चुका है. किंतु लक्ष्य के मुताबिक अभी इस जिले में काफी कम ऑपरेशन हो पाया है. जिसे अब हर हाल में बढ़ाने की जरूरत है. इसके लिए चिकित्सा पदाधिकारी व अन्य स्वास्थ्य कर्मी को सहयोग करने की जरूरत है. मौके पर डॉ फैजउद्दीन, डॉ मधुमिता मंडल, नेत्र सहायक राजीव रंजन तिवारी, परामर्श दात्री माया रानी सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद थे.

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