दियारा के 100 बीघा जमीन पर है अपराधी रामगुलाम का कब्जा

दियारा के 100 बीघा जमीन पर है अपराधी रामगुलाम का कब्जा मछुआरा व परवल उपजाने वाले किसान को देनी होती है रंगदारी फोटो संख्या : 12फोटो कैप्सन : गिरफ्तार अपराधी रामगुलाम यादव. प्रतिनिधि, मुंगेर मुंगेर व खगडि़या जिले के दियारा का आतंक रामगुलाम यादव दियारा क्षेत्र में लगभग 100 बीघा किसानों के जमीन पर कब्जा […]

दियारा के 100 बीघा जमीन पर है अपराधी रामगुलाम का कब्जा मछुआरा व परवल उपजाने वाले किसान को देनी होती है रंगदारी फोटो संख्या : 12फोटो कैप्सन : गिरफ्तार अपराधी रामगुलाम यादव. प्रतिनिधि, मुंगेर मुंगेर व खगडि़या जिले के दियारा का आतंक रामगुलाम यादव दियारा क्षेत्र में लगभग 100 बीघा किसानों के जमीन पर कब्जा किये हुए है. इतना ही नहीं दियारा में मछली मारने वाले, परवल की खेती करने वाले एवं भूसा बेचने वाले किसानों को रामगुलाम को रंगदारी भी देनी पड़ती है. इस बात का खुलासा सोमवार को पुलिस अधीक्षक वरुण कुमार सिन्हा ने अपने प्रेस वार्ता में की. मुफस्सिल थाना क्षेत्र के करारी टोला तौफिर निवासी रामगुलाम यादव वर्ष 2008 से दियारा क्षेत्र में आतंक का पर्याय बना हुआ है. वह लगातार हत्या, अपहरण, डकैती, लूट व रंगदारी की घटनाओं को अंजाम देता रहा. दियारा में चलता है रामगुलाम का सत्ता दियारा क्षेत्र में एक पुरानी कहावत चलती है ” जमीन-जोड़ू- जोड़ कैय, नैइ तय किसी और कैय ”. यहां बंदूक के बल पर जमीन पर कब्जा करने की पुरानी परंपरा रही है. यही कारण है कि जब रामगुलाम दियारा क्षेत्र में अपना वर्चस्व कायम करना शुरू किया तो वह किसानों के जमीन को भी जबतरन जोतने लगा. बंदूक की नोक पर जमीन को अपने कब्जे में करने लगा. आज वह लगभग 100 बीघा को अपने कब्जे में रखे हुए है और किसान उसके भय से खेत पर नहीं जाते. इस बात को पुलिस अधीक्षक वरुण कुमार सिन्हा भी स्वीकारते हैं. इतना ही नहीं दियारा क्षेत्र के गंगा व गंडक में मछली मारने वाले मछुआरे व परवल की खेती करने वाले किसान को रंगदारी भी देना पड़ता है. 2011 में की थी एक साथ तीन हत्याएं वर्ष 2011 में रामगुलाम यादव के अपराध का विरोध करने पर उसने अपने साथियों के साथ मिल कर एक साथ तिहरे हत्याकांड को अंजाम दिया था. जिसमें पिंटू यादव उर्फ नवीन यादव, विपिन कुमार यादव एवं रणधीर यादव की हत्या कर दी गयी थी. पिंटू व विपिन को तो घटनास्थल पर ही मार डाला था. लेकिन रणधीर यादव का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी थी. पांच लाख मांगी थी रंगदारी अपराधी रामगुलाम यादव पिंटू के परिजन राकेश कुमार यादव से पांच लाख रुपये रंगदारी की मांग की थी. जब उसके पिता ने राशि नहीं दी और उसका विरोध किया तो उन लोगों ने मिल कर पिंटू सहित विपिन व रणधीर को मार डाला था. रामगुलाम को लगी थी गोली अपराधी रामगुलाम को गत वर्ष गोली भी लगी थी. गोली उसके कमर के नीचे लगी है. उसने बताया कि खगडि़या के महेशखूंट के तत्कालीन थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार से एक बार काउंटर हुआ था. जिसमें उसे गोली लग गयी थी. लेकिन वह बच निकला. गोली लगने के बाद वह भागलपुर में एक निजी क्लिनिक में रह कर अपना इलाज कराया. ——————————-बॉक्स——————————-रामगुलाम के विरुद्ध दर्ज मामले थाना कांड संख्या मुफस्सिल 236/2008 85/2009 162/2009 271/2009 79/2011 69/2011 115/2011 महेशखूंट 95/2007 35/2014 गोगरी 216/2014 ————————एसपी ने की थी 50 हजार की अनुशंसा मुंगेर : रामगुलाम यादव की गिरफ्तारी को लेकर मुंगेर पुलिस ने 25 हजार रुपये इनाम की घोषणा कर रखी थी. बावजूद जब उसकी गिरफ्तारी नहीं हो पा रही थी तो 23 जून 2015 को मुंगेर के पुलिस अधीक्षक वरुण कुमार सिन्हा ने इनाम की राशि 50 हजार करने के लिए राज्य पुलिस मुख्यालय को रिपोर्ट भेजी थी. ———–गिरफ्तारी में थे शामिल एसपी वरुण कुमार सिन्हा ने बताया कि इसकी गिरफ्तारी में मुफस्सिल इंस्पेक्टर रघुवंश प्रसाद सिंह, मुफस्सिल थानाध्यक्ष अभिनव दूबे, अवर निरीक्षक प्रियरंजन, अविनाश, जमालपुर थानाध्यक्ष राजीव कुमार, धरहरा थानाध्यक्ष राकेश कुमार, अवर निरीक्षक भवेश कुमार एवं सअनि मो. असलम तथा वासुदेवपुर ओपी प्रभारी राजीव रंजन मुख्य रूप से शामिल थे.

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