फोटो संख्या : 2फोटो कैप्सन : खराब पड़ा समरसेबल सह प्याऊ प्रतिनिधि, मुंगेर हम नहीं सुधरेंगे के तर्ज पर नगर निगम अपने कर्तव्य का इतिश्री कर रही है. चाहे वह पेयजल की बात हो या शहर के सफाई की. आलम यह है कि नगर निगम शहर में लगे पुराने समरसेबल को तो ठीक नहीं करा पायी लेकिन नये समरसेबल लगाने का कवायद आरंभ हो गया है. जिससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि किस प्रकार निगम में अनियमितता का खेल चल रहा. शहर के 45 वार्डों में 53 नये समरसेबल लगाने की निविदा प्रक्रिया चल रही है. नये समरसेबल की कवायद यूं तो नगर निगम पेयजल की समस्या को दूर करने के लिए 45 वार्डों में समरसेबल लगाने की प्रक्रिया आरंभ कर दी. ताकि वार्ड के लोगों को पानी की समस्या से निजात मिले. लेकिन शहर के दर्जनों स्थानों पर लगे समरसेबल को ठीक नहीं कराया जा सका. पूरी गरमी शहरवासी पेयजल के लिए छटपटाते रहे और नगर निगम के मेयर व आयुक्त आश्वासनों से लोगों का प्यास बुझाते रहे. यहां तक कि जिलाधिकारी अमरेंद्र प्रसाद सिंह के निर्देश के बावजूद आजतक समाहरणालय से महज दस गज की दूरी पर स्थित अंबेदकर चौक का प्याऊ भी नगर निगम ने ठीक नहीं कराया. इसके साथ ही आजाद चौक स्थित साइकिल स्टैंड के मुहाने, कौड़ा मैदान, छोटी केलाबाड़ी, डीजे कॉलेज रोड में समरसेबल खराब पड़ा है. जिसे ठीक कराने में निगम प्रशासन को कोई दिलचस्पी नहीं है.
पुराना तो ठीक हुआ नहीं, नये समरसेबल लगाने की कवायद
फोटो संख्या : 2फोटो कैप्सन : खराब पड़ा समरसेबल सह प्याऊ प्रतिनिधि, मुंगेर हम नहीं सुधरेंगे के तर्ज पर नगर निगम अपने कर्तव्य का इतिश्री कर रही है. चाहे वह पेयजल की बात हो या शहर के सफाई की. आलम यह है कि नगर निगम शहर में लगे पुराने समरसेबल को तो ठीक नहीं करा […]
