फोटो संख्या : 5फोटो कैप्सन : संगोष्ठी को संबोधित करते डॉ कविता वर्णवाल प्रतिनिधि , मुंगेरविश्व जनसंख्या दिवस के मौके पर बीआरएम कॉलेज में शनिवार को संगोष्ठी का आयोजन किया गया. जिसका विषय था ‘ संसाधनों की कमी बढ़ती जनसंख्या के लिए गंभीर खतरा ‘. इसकी अध्यक्षता कॉलेज के प्राचार्य डॉ एमए नियाजी ने की. गोष्ठी में आये वक्ताओं ने अपनी-अपनी बातों को रखा.मुख्य अतिथि डॉ कविता वर्णवाल ने कहा कि जब विश्व की जनसंख्या पांच अरब से ऊपर पहुंच गयी, तब इसे नियंत्रित करने की चिंता हो रही है. उन्होंने बताया कि जनसंख्या नियंत्रण के लिए जनसंख्या के अनुपात में जीवनोपयोगी संसाधनों का होना अनिवार्य है. उन्होंने कहा कि जिस दिन माता-पिता पुत्र प्राप्ति के लिए अड़ना छोड़ देंगे, उस दिन से ही जनसंख्या में नियंत्रण होना आरंभ हो जायेगा. उन्होंने कहा कि आज लड़कियां लड़कों के अपेक्षा परिवार का दायित्व अधिक निभाती है. कॉलेज के प्राचार्य ने कहा कि प्रकृति के साथ संतुलन जीवन रक्षा के लिए अति आवश्यक है. यह धार्मिक दृष्टि से भी मान्य है. जनसंख्या का संतुलन विश्व के कई देशों में नहीं है. यही कारण है कि विवाह के समय वर पक्ष को दहेज भी देना पड़ रहा है. संगोष्ठी का संचालन कर रहे दीपक कुमार दिनकर ने कहा कि किसी भी देश की शक्ति मैन पावर होती है. इसके लिए पर्याप्त उर्जा की जरूरत होती है. मौके पर उपस्थित प्रो. हरेंद्र नारायण सिंह, डॉ प्रकाश कुमार, डॉ यूएन राय, डॉ निर्मला कुमारी, मृत्युंजय कुमार मिश्रा, डॉ कौशल किशोर चौधरी सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपनी- अपनी बातों को रखा.
विश्व जनसंख्या दिवस पर संगोष्ठी का आयोजन
फोटो संख्या : 5फोटो कैप्सन : संगोष्ठी को संबोधित करते डॉ कविता वर्णवाल प्रतिनिधि , मुंगेरविश्व जनसंख्या दिवस के मौके पर बीआरएम कॉलेज में शनिवार को संगोष्ठी का आयोजन किया गया. जिसका विषय था ‘ संसाधनों की कमी बढ़ती जनसंख्या के लिए गंभीर खतरा ‘. इसकी अध्यक्षता कॉलेज के प्राचार्य डॉ एमए नियाजी ने की. […]
