मुंगेर: भारत निर्वाचन आयोग के अवर सचिव अनूप कुमार के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम ने सोमवार को मुंगेर जिले में मतदाता पुनरीक्षण का जायजा लिया और पुनरीक्षण से संबंधित अभिलेख व दस्तावेजों की जांच की. आयोग की टीम ने पुनरीक्षण के दौरान सबसे अधिक दावा व आपत्ति तथा सबसे कम दावा व आपत्ति वाले मतदान केंद्रों के अभिलेखों की पड़ताल की.
अवर सचिव अनूप कुमार ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग का स्पष्ट मानना है कि त्रुटि रहित मतदाता सूची बनायी जाय. इसके लिए यह जरूरी है कि मतदाता पुनरीक्षण के कार्य को बेहतर ढंग से संचालित किया जाना चाहिए. उन्होंने उन दस्तावेजों की भी जांच की. जिसके माध्यम से किसी भी व्यक्ति के दावा व आपत्ति को स्वीकृत व अस्वीकृत किया गया है. मतदाता सूची में दोहरे नाम की प्रवृष्टि के नाम के संदर्भ में भी आयोग की टीम ने अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की. आयोग की टीम मंगलवार को तारापुर विधानसभा क्षेत्र का दौरा करेगी और वहां मतदान केंद्रों पर जाकर चुनाव के संदर्भ में की जा रही कार्रवाई का भी अवलोकन करेंगे. बैठक में मुंगेर सदर के अनुमंडल पदाधिकारी कुंदन कुमार, भूमि सुधार उपसमाहर्ता कुमार प्रशांत, तारापुर के अनुमंडल पदाधिकारी शैलेंद्र भारती मुख्य रूप से मौजूद थे.
प्रतिनिधियों के साथ की बैठक : मुंगेर. भारत निर्वाचन आयोग के अवर सचिव अनूप कुमार ने समाहरणालय के सभाकक्ष में जिले के राजनीतिक दल के प्रतिनिधियों के साथ भी बैठक की और मतदाता पुनरीक्षण के संदर्भ में उनके राय लिये. आयोग के अधिकारियों ने राजनीतिक दलों से यह जानना चाहा कि पुनरीक्षण के दौरान इस कार्य से जुड़े सरकारी अधिकारी व कर्मचारी किस प्रकार सहयोग किये अथवा उनका व्यवहार असहयोगात्मक रहा. उन्होंने राजनीतिक दल के प्रतिनिधियों से स्वच्छ, निष्पक्ष एवं पारदर्शी मतदान के संदर्भ में बातचीत भी की. राजनीतिक दल के प्रतिनिधियों ने आयोग के अधिकारियों को बताया कि बड़ी संख्या में ऐसे मतदान केंद्र इस जिले में हैं. जहां मतदाताओं को नजदीक के बूथ के बजाय दूर के बूथ पर सूचीबद्ध किया गया है. ऐसी स्थिति में बड़ी संख्या में मतदाता वोट नहीं डाल पाते. इसके साथ ही जिन गांव व पंचायत को बेचिरागी घोषित किया गया था वहां आज भी मतदान केंद्र नहीं हैं. जबकि उस गांव के लोगों को इंदिरा आवास सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध हो रही है. इस परिस्थिति में पूर्व के बेचिरागी गांवों में मतदान केंद्र बनाया जाना चाहिए. आदर्श आचार संहिता उल्लंघन के मामले में भी राजनीतिक दल के लोगों ने अपनी समस्याओं को आयोग के समक्ष रखा. बैठक में जदयू के जिलाध्यक्ष मो. जियाउर रहमान, राजद के जिला उपाध्यक्ष युगल किशोर राय, कांग्रेस के मनोज कुमार, सीपीआइ के दिलीप कुमार, सीपीएम के अमित कुमार सिन्हा एवं भाजपा के अजय कुमार सिंह मुख्य रूप से मौजूद थे.
