मुंगेर : पिछले दो माह से अपने परिजनों से बिछड़े दो बच्चों को शुक्रवार को अपना परिवार मिल गया. बाल कल्याण समिति मुंगेर की अध्यक्ष डॉ शिखा सिन्हा ने प्रक्रिया पूरी करने के बाद बच्चों को उसके परिजनों को सौंप दिया. प्राप्त समाचार के अनुसार 25 मई को जीआरपी जमालपुर पुलिस ने विक्रमशिला ट्रेन से दो बच्चों को हिरासत में लिया. 7 वर्षीय शाहरूख एवं 5 वर्षीय शमा को जीआरपी पुलिस ने बाल कल्याण समिति के समक्ष उपस्थित किया गया.
शमा को जहां विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान में रखा गया. वहीं शाहरूख को बाल गृह में रखा गया. सामाजिक कार्यकर्ता बाल शिक्षक नवीन कुमार सिंह ने दोनों के परिजनों की खोजबीन प्रारंभ की. बताया जाता है कि शाहरूख खान एवं शमा बांका जिला के अरकट्टा गांव में अपनी मां के साथ रहती थी. मदरसा पढ़ने जाने के क्रम में दोनों रास्ते से भाग गयी और ट्रेन पकड़ कर भागलपुर चला आया. वहां से दोनों विक्रमशिला ट्रेन से जमालपुर पहुंचा जहां जीआरपी पुलिस ने उसे अपने कब्जे में ले लिया.
नवीन कुमार ने जब लड़की द्वारा दिये गये फोन में नंबर मिला या तो वह उसके चाचा हरियाण में मो. मुस्तकीम को लगा. जहां से उसके परिजनों का पता चला. शुक्रवार को बच्चों की मां एवं परिजन मुंगेर पहुंचे जहां प्रक्रिया पुरी होने के बाद बच्चों को उसके मां को सौंप दिया गया. मौके पर सदस्य संध्या वर्मा, मृदुला कश्यप, डॉ विजय कुमार वर्मा, विजय कुमार चौरसिया, बाल गृह अधीक्षक धर्मेंद्र कुमार सिंह, डॉ शशि शंकर मौजूद थे.
