बारिश में अधिवक्ताओं को होती है परेशानी

मुंगेर. एक ओर जहां मानसूनी बारिश में मुंगेर न्यायालय के काले कोट वाले वकील साहब भींग रहे हैं. वहीं दूसरी ओर न्यायालय परिसर भी पानी-पानी हो रहा है. मुंगेर विधिज्ञ संघ में अधिवक्ताओं के संख्या के अनुसार बैठने की जगह उपलब्ध नहीं हो. फलत: सैकड़ों अधिवक्ता न्यायालय परिसर क्षेत्र में ही डिसको चटाई, टीन का […]

मुंगेर. एक ओर जहां मानसूनी बारिश में मुंगेर न्यायालय के काले कोट वाले वकील साहब भींग रहे हैं. वहीं दूसरी ओर न्यायालय परिसर भी पानी-पानी हो रहा है. मुंगेर विधिज्ञ संघ में अधिवक्ताओं के संख्या के अनुसार बैठने की जगह उपलब्ध नहीं हो. फलत: सैकड़ों अधिवक्ता न्यायालय परिसर क्षेत्र में ही डिसको चटाई, टीन का शेड व प्लास्टिक डाल कर बैठते हैं. किंतु मुसलाधार बारिश होने पर इनकी स्थिति काफी खराब हो जाती.

क्योंकि ऊपर व नीचे दोनों स्थानों पर पानी ही पानी जमा हो जाती है. पिछले तीन दिनों से हो रही मानसूनी बारिश ने न्यायालय के अधिवक्ताओं की परेशानी बढ़ा दी है.

हाल यह है कि अधिवक्ताओं को बैठने तक की समुचित जगह उपलब्ध नहीं है. फलत: झुग्गी-झोपड़ी की तरह अधिवक्ताओं द्वारा जो बैठने की जगह बनायी गयी है वह बारिश में नाकाफी है. जिसके कारण तेज बारिश होने के कारण अधिवक्ता सर छुपाने के लिए परेशान हो जाते हैं. व्यवहार न्यायालय के अधिवक्ता अनिल कुमार यादव, विजय प्रकाश झा, प्रभात किरण, त्रिपुरारी कुमार वर्मा, अनंत कुमार शांति, विपिन कुमार सहाय सहित अन्य अधिवक्ताओं ने बताया कि विधिज्ञ संघ द्वारा उनलोगों को किसी प्रकार की सुविधा मुहैया नहीं करायी गयी है. बताया गया है कि विधिज्ञ संघ द्वारा पूर्व से बने भवन में 400- 500 अधिवक्ताओं के बैठने की जगह है. किंतु यहां अधिवक्ताओं की संख्या डेढ़ हजार से अधिक है. जिसके कारण अधिकांश अधिवक्ताओं को बैठने के लिए झुग्गी का सहारा लेना पड़ रहा है. बारिश हो जाने पर हमलोगों को सिर छुपाने के लिए इधर-उधर भागना पड़ता है.

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