मुंगेर : रविवार की अहले सुबह से ही बह रही पछुआ हवा ने शीतलहर के साथ-साथ कनकनी को बढ़ा दिया है. जिसके कारण तापमान में भारी गिरावट देखने को मिला. ऐसी स्थिति में लोग दिन में भी अपने घरों से निकलने में परहेज करते रहे. सूर्य निकलने के बाद भी लोग कंबल व चादरों में लिपटे नजर आये. वहीं रात में न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.
अलाव के नाम पर खानापूर्ति
बीते आठ दिनों से जिले में शीतलहर का व्यापक असर देखा जा रहा है. शहर के विभिन्न चौक चौराहों पर दिन में ही लोग ठंड से कांपते नजर आ रहे हैं. रात की स्थिति तो और भी चिंताजनक रहती है. वैसे शहरी क्षेत्र के कुछ खास चौक चौराहों पर जिला प्रशासन द्वारा अलाव की व्यवस्था संध्या काल में की जाती है. लेकिन वह एकाध घंटे में ही अपना दम तोड़ देती है. जबकि बस स्टैंड व सदर अस्पताल के समीप रात भर रिक्शा चालक पेट के खातिर ठंड में ठिठुरते रहते हैं. वही यदि ग्रामीण क्षेत्रों की बात की जाय तो इतने दिनों में एक या दो दिन किसी किसी चौक चौराहे पर अल्प मात्र में अलाव की व्यवस्था की गयी थी जो महज दिखावा प्रतीत हुआ.
सड़कों पर कम नजर आये वाहन
शीतलहर व कनकनी की वजह से रविवार को जहां लोग दिन भर घर से बाहर निकलने में परहेज करते रहे. वही सड़कों पर वाहनों की संख्या कम देखी गयी. खासकर मोटर साइकिल से चलने वाले लोग तो इक्के-दुक्के ही नजर आये. ऐसी स्थिति में यात्रियों को वाहनों के लिए काफी इंतजार करना पड़ा.
