प्रतिनिधि, मुंगेर मुंगेर पुलिस की लापरवाही के कारण एक बार फिर हार्डकोर नक्सली बीरबल मुर्मू को न्यायालय से जमानत मिल गयी. निर्धारित समय पर न्यायालय में आरोप पत्र समर्पित नहीं करने के कारण अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी ने खड़गपुर थाना कांड संख्या 265/10 में आरोपी बीरबल मुर्मू को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 167 का लाभ देते हुए जमानत दे दिया. नक्सली बीरबल मुर्मू की गिरफ्तारी के बाद खड़गपुर थाना के कांड संख्या 265/10 में 23 अगस्त 2014 को उसे रिमांड किया गया था. किंतु निर्धारित 90 दिनों के अवधि में कांड के अनुसंधानकर्ता पुलिस पदाधिकारी ने न्यायालय में आरोप पत्र समर्पित नहीं किया और न्यायालय ने उसे जमानत दे दी. विदित हो कि 26 अक्तूबर 2010 को विधानसभा चुनाव के दौरान माओवादियों ने जटातरी गांव में कई प्रचार वाहनों को जला दिया था और घटना की सूचना पर जब खड़गपुर पुलिस पहुंची थी तो पुलिस पर भी फायरिंग किया था. इस मामले में तत्कालीन थानाध्यक्ष शमशाद अली ने बीरबल मुर्मू सहित तारो दा, चिराग दा एवं अन्य के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की थी. इस मामले में अनुसंधान का जिम्मा खड़गपुर के एसडीपीओ को दिया गया था. वैसे जमानत मिलने के बाद अनुसंधानकर्ता ने न्यायालय में आरोप पत्र समर्पित कर दिया है. कहते हैं एसपी पुलिस अधीक्षक वरुण कुमार सिन्हा ने बताया कि नक्सली को 167 का लाभ मिलना एक गंभीर मामला है. इस मामले की जांच कर वे समुचित कार्रवाई करेंगे.
पुलिस की लापरवाही से नक्सली बीरबल को मिली जमानत
प्रतिनिधि, मुंगेर मुंगेर पुलिस की लापरवाही के कारण एक बार फिर हार्डकोर नक्सली बीरबल मुर्मू को न्यायालय से जमानत मिल गयी. निर्धारित समय पर न्यायालय में आरोप पत्र समर्पित नहीं करने के कारण अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी ने खड़गपुर थाना कांड संख्या 265/10 में आरोपी बीरबल मुर्मू को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 167 का लाभ […]
