एनआरसी, सीएए के खिलाफ पांचवें दिन धरना रहा जारी

मुंगेर : एनआरसी, सीसीए और एनपीआर के विरुद्ध अब्दुल हमीद चौक पर महिलाओं द्वारा जारी अनिश्चितकालीन धरना के पांचवें दिन भी भारी मात्रा में महिलाओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज करायी. जबकि इस धरने में दिनोंदिन महिलाओं की संख्या बढ़ती जा रही है. जिसमें ये महिलाएं संविधान बचाओ का नारा लगाती रहीं. धरने पर बैठी महिलाओं […]

मुंगेर : एनआरसी, सीसीए और एनपीआर के विरुद्ध अब्दुल हमीद चौक पर महिलाओं द्वारा जारी अनिश्चितकालीन धरना के पांचवें दिन भी भारी मात्रा में महिलाओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज करायी. जबकि इस धरने में दिनोंदिन महिलाओं की संख्या बढ़ती जा रही है.

जिसमें ये महिलाएं संविधान बचाओ का नारा लगाती रहीं. धरने पर बैठी महिलाओं ने कहा कि वे इस धरने में अपने निजी लाभ के लिये नहीं बल्कि अपने आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिये बैठी हैं.
इसका उद्देश्य समस्त राष्ट्रहित के लिये है. पूरे भारत में सैकड़ों स्थानों पर लगातार महिलाएं आज सड़क पर बैठ रही हैं. जब नागरिकता देने का प्रावधान पहले से ही संविधान में मौजूद है और इसके तहत शरणार्थियों को नागरिकता दी जाती रही है और दी जायेगी.
महिलाओं ने कहा कि दो दिन पूर्व चेन्नई में एक कार्यक्रम के दौरान देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि ये नागरिकता देने का कानून है, लेने का नहीं और विगत 6 वर्षों में 2,838 पाकिस्तानी, 914 अफगानी तथा 172 बंगलादेशियों शरणार्थियों को नागरिकता दी गयी है, तो सरकार को यह बताना चाहिए कि जब सरकार इन लोगों को पिछले 6 वर्षों से नागरिकता दे रही तो क्या किसी ने उसका विरोध किया. लेकिन आज क्या कारण है कि लोगों को इस नए कानून का विरोध करना पड़ रहा है.

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