– लापरवाही : लंबित मामलों का लगातार बढ़ता जा रहा बोझ, न्याय के रास्ते बड़ा बाधा
, मुंगेर –पुलिस विभाग लंबित कांडों के भारी बोझ तले दबा हुआ है. जिसके लिए कोई और नहीं, बल्कि खुद पुलिस विभाग जिम्मेदार है. मॉनेटरिंग के अभाव में अनुसंधानकर्ता पुलिस पदाधिकारी लंबित कांडों को लंबित छोड़ कर नये कांडों के अनुसंधान में लग जा रहे है. जिससे लंबित मामलों की जांच में अत्यधिक देरी हो रही है और पीड़ित पक्ष को न्याय नहीं मिल पा रहा है. क्योंकि न्यायालय अनुसंधान में कमी के कारण सुनवाई पूरी नहीं कर पाती.
मुंगेर रेंज में लंबित है 10,900 कांडों का अनुसंधान
मुंगेर रेंज में चार जिला मुंगेर, जमुई, लखीसराय और शेखपुरा शामिल है. जहां अनुसंधानकर्ता पुलिस पदाधिकारी और उच्च अधिकारियों की नियमित मॉनेटरिंग नहीं होने के कारण लंबित कांडों की संख्या लगभग 11 हजार पहुंच चुकी है. जबकि क्राइम मिटिंग, थाना निरीक्षण के दौरान लगातार उच्च पुलिस अधिकारी सर्किल इंस्पेक्टर और थानाध्यक्ष को कांडों के निष्पादन में तेजी लाने का निर्देश देते हैं. बावजूद इसमें लापरवाही बरती जा रही है. मुंगेर पुलिस रेंज की बात करें तो कुल 10 हजार 900 कांड आज भी लंबित है. सर्वाधिक जमुई जिले में 5368 कांड लंबित है. जबकि मुंगेर जिले में 1850, लखीसराय जिले में 3086 और शेखपुरा जिले में 596 मामले अब भी अनुसंधान के लिए लंबित पड़ा हुआ है.
मुकदमों के प्रेशर से नहीं होता काम
थानों में दर्ज होने वाले मुकदमों की विवेचना पेडिंग रहने से कामकाज प्रभावित होता है. दिनभर की भाग-दौड़ में अनुसंधानकर्ता पुलिस पदाधिकारी केस डायरी को समय नहीं दे पाते हैं. जबकि हर दिन नये-नये कांड थाने में दर्ज होते रहते हैं. जिस कारण लंबित कांडों को पीछे छोड़ कर अनुसंधानकर्ता पुलिस पदाधिकारी नये दर्ज कांडों के अनुसंधान में लग जाते और लंबित कांड लंबित ही रह जाता है. इससे फरियादियों को न्याय मिलने में विलंब होता है. लोग थानों के चक्कर काटते रह जाते हैं.
