श्रावणी मेले की तैयारी नहीं पकड़ रही जोर

कुमरसार धर्मशाला के आगे व पीछे का चापाकल आज भी खराब संग्रामपुर : विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले को लेकर कांवरिया पथ पर सरकारी तैयारी अब तक जोर नहीं पकड़ पा रही है. हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी सावन मास में चलने वाले कांवरियों को हर प्रकार की सुविधा उपलब्ध कराने का दावा सरकार […]

कुमरसार धर्मशाला के आगे व पीछे का चापाकल आज भी खराब

संग्रामपुर : विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले को लेकर कांवरिया पथ पर सरकारी तैयारी अब तक जोर नहीं पकड़ पा रही है. हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी सावन मास में चलने वाले कांवरियों को हर प्रकार की सुविधा उपलब्ध कराने का दावा सरकार कर रही है.
जिलाधिकारी उदय कुमार सिंह लगातार मुंगेर जिले में पड़ने वाले 26 किलोमीटर कांवरिया पथ का निरीक्षण कर अधिकारियों को दिशा निर्देश दे रहे है. बावजूद विभागीय अधिकारी अपनी पुरानी परंपरा को बनाये हुए हैं.
पांच दिन पहले डीएम का दिया निर्देश भी बेअसर
नवगांई से कुमरसार तथा चांदपुरा से गोविंदपुर पुल तक का मार्ग जो सुलतानगंज-देवघर मुख्य मार्ग से कांवरिया पथ को जोड़ता है. उस पर कोई कार्य नहीं हो रहा. जबकि पांच दिन पूर्व डीएम स्वयं इस मार्ग को यथाशीघ्र सुधारने का निर्देश विभाग के कार्यपालक अभियंता को दिया था. पीएचइडी विभाग द्वारा चापाकल मरम्मती के नाम पर सिर्फ रंगरोगन कर छोड़ दिया गया है. कुमरसार धर्मशाला के आगे एवं पीछे का चापाकल आज भी खराब पड़ा हुआ है. विभाग द्वारा झरना या शुद्ध पेयजल के लिए आरओ की व्यवस्था का कार्य प्रारंभ भी नहीं हुआ है. धर्मशाला के मरम्मती एवं रंग रोगन का कार्य हो रहा है.
वहीं दूसरी ओर मणिया मोड़ मुख्य पड़ाव के सरकारी धर्मशाला के बाहर तो दो चापाकल चालू था. लेकिन अंदर के दोनों चापाकल बंद है. मणिया धर्मशाला के आगे उत्तर किनारे 20 शौचालय का निर्माण कार्य अभी प्रारंभिक दौर में था. सरकारी कार्य का अंदाजा देख कर यह लगा कि सिर्फ औपराचरिकता निभायीजा रही है. जिलाधिकारी की सक्रियता का कितना असर मेला की तैयारियों पर पड़ता है यह तो आने वाला समय ही बतायेगा.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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