59 आवेदन अब भी लंबित, 55 को ही मिल पाया है लाभ

मुंगेर : एक ओर जहां सरकार अंतरजातीय विवाह के लिए दंपती को प्रोत्साहन दे रही है़ वहीं दूसरी ओर जिले में इस योजना की स्थिति काफी निराशाजनक है़ इसके कारण प्राप्त आवेदनों में से 50 प्रतिशत का भी निष्पादन नहीं हो पाया है़ हाल यह है कि पिछले तीन साल में अंतरजातीय विवाह योजना के […]

मुंगेर : एक ओर जहां सरकार अंतरजातीय विवाह के लिए दंपती को प्रोत्साहन दे रही है़ वहीं दूसरी ओर जिले में इस योजना की स्थिति काफी निराशाजनक है़ इसके कारण प्राप्त आवेदनों में से 50 प्रतिशत का भी निष्पादन नहीं हो पाया है़ हाल यह है कि पिछले तीन साल में अंतरजातीय विवाह योजना के लिए कुल 114 अभ्यर्थियों ने प्रोत्साहन राशि के लिए आवेदन दिये हैं. इसमें से अब तक सिर्फ 55 लाभार्थियों को ही इसका लाभ मिल पाया है़ 59 आवेदन अब तक लंबित पड़े हुए हैं.

एक लाख रुपये की मिलती है प्रोत्साहन राशि
अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन नियमावली- 2014 समाज में जाति प्रथा को समाप्त करने, दहेज प्रथा को हतोत्साहित करने तथा छुआछूत की भावना को समाप्त करने के उद्देश्य से सरकार ने लागू किया है़ इसमें अंतरजातीय विवाह करने वाली महिला को एक लाख रुपये प्रोत्साहन स्वरूप आर्थिक सहायता प्रदान किया जाता है़ अंतरजातीय विवाह के दो साल के भीतर प्रोत्साहन के लिए जिला बाल संरक्षण इकाई में आवेदन करना अनिवार्य है़
25 हजार से बढ़ राशि पहुंची एक लाख
4 मार्च 2014 तक अंतरजातीय विवाह की प्रोत्साहन राशि 25000 रुपये थी. इसके बाद 2 सितंबर 2015 तक के लाभुकों को 50000 रुपये का प्रोत्साहन राशि दिया गया़ पर उसके बाद के सभी लाभुकों को अब एक लाख रुपये का प्रोत्साहन दिया जा रहा है़

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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