Mrityunjay Tiwari RJD: पटना की बांकीपुर सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले आरजेडी को झटका लगा. पार्टी के मुख्य प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया. ऐसे में शुक्रवार को उन्होंने आरजेडी नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी से मुलाकात की. इस दौरान मृत्युंजय तिवारी ने अपनी बातों को अब्दुल बारी सिद्दीकी के सामने रखा.
मुलाकात को लेकर क्या बोले अब्दुल बारी सिद्दीकी?
इस बारे में आरजेडी नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने बताया कि हमारा वर्षों का रिश्ता है. उन्होंने मेरे सामने अपनी बात रखी. उनसे हमने कहा कि वे अपना पक्ष पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष या फिर वरीय नेता के सामने रखें. उन्होंने यह भी बताया कि मुझसे मृत्युंजय तिवारी ने एक बार पहले भी शिकायत की थी लेकिन मुझे यह नहीं लगा था कि बात इस हद तक बढ़ जाएगी.
अब्दुल बारी सिद्दीकी ने दी सलाह
अब्दुल बारी सिद्दीकी ने मृत्युंजय तिवारी को सलाह दी कि मीडिया के सामने इस्तीफे के अनाउंसमेंट से पहले उन्हें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद या तेजस्वी यादव के सामने अपना पक्ष रखना चाहिए था. लेकिन मृत्युंजय तिवारी ने अब्दुल बारी सिद्दीकी से कहा है कि वह पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद और राबड़ी देवी से भी मिलेंगे. ऐसे में मुलाकात के बाद आगे क्या कुछ होता यह देखने वाली बात होगी.
मृत्युंजय तिवारी ने बताई इस्तीफे की वजह
मीडिया के सामने मृत्युंजय तिवारी ने शुक्रवार को कहा, हमारे सम्मान को ठेस लगा. हमारी भावनाएं आहत हुईं हैं. हम स्वाभिमानी लोग हैं. लालू जी ने हमें 2014 में जिम्मेदारी दी थी. हम हमेशा पार्टी के साथ रहे. लेकिन हमारे नेता को लोग घेर कर रखे हुए हैं. नेता की आंखों पर पट्टी लग गई है. चंद लोगों के इशारों पर नाच रहे हैं.
इस वजह से RJD के लिए खास हैं मृत्युंजय तिवारी
आरजेडी लंबे समय से यादव और मुस्लिम वोटबैंक की राजनीति करती रही है. ऐसे में मृत्युंजय तिवारी पार्टी के प्रमुख ब्राह्मण चेहरे के रूप में पहचान रखते हैं. वह पिछले एक दशक से ज्यादा समय से मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर पार्टी का पक्ष मजबूती से रखते रहे हैं. ऐसे नेता का पार्टी से अलग होना आरजेडी के लिए राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तर पर नुकसानदायक माना जा रहा है.
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