India Nepal border: भारत-नेपाल सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 47वीं वाहिनी की सीमा चौकी धुपवाटोला के कार्यक्षेत्र में आने वाली पंटोका पंचायत के भरतमहि गांव में युवाओं को डिजिटल रूप से सक्षम बनाने की दिशा में एक सराहनीय पहल शुरू की गई है. नागरिक कल्याण कार्यक्रम के तहत मंगलवार को गांव के 15 युवक-युवतियों के लिए 30 दिवसीय बुनियादी कंप्यूटर प्रशिक्षण कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया गया.
Raxaul News: तकनीकी रूप से दक्ष बनाकर रोजगार के अवसर बढ़ाना उद्देश्य
इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य वाइब्रेंट विलेज के युवाओं को डिजिटल साक्षरता से जोड़ना, उन्हें तकनीकी रूप से दक्ष बनाना तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के लिए सक्षम तैयार करना है. इस प्रशिक्षण के माध्यम से युवक-युवतियों को कंप्यूटर के बुनियादी ज्ञान के साथ-साथ आधुनिक तकनीक के उपयोग की पूरी जानकारी दी जाएगी, जिससे उन्हें भविष्य में आत्मनिर्भर बनने में काफी मदद मिलने की उम्मीद है.
एसएसबी अधिकारियों ने दी पूरी लगन से सीखने की सीख
प्रशिक्षण के उद्घाटन समारोह के दौरान एसएसबी के उप कमांडेंट रवि प्रताप वर्मा ने सभी प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित किया. उन्होंने युवक-युवतियों से अपील की कि वे इस प्रशिक्षण को पूरी लगन, अनुशासन और गंभीरता के साथ नियमित रूप से पूरा करें. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आज के समय में तकनीकी ज्ञान रोजगार के क्षेत्र में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है.
गणमान्य लोगों की मौजूदगी और भविष्य की योजनाएं
इस अवसर पर सहायक कमांडेंट दीपांशु चौहान, संस्था के संचालक शिवेंद्र प्रताप सिंह, कंप्यूटर संस्थान के निदेशक अभिषेक पाण्डेय और प्रशिक्षक मनोज कुमार सहित एसएसबी के कई जवान एवं अन्य कर्मी उपस्थित रहे. अधिकारियों ने बताया कि सीमावर्ती और ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को कौशल विकास से जोड़ने के लिए इस तरह के नागरिक कल्याण कार्यक्रम आगे भी लगातार आयोजित किए जाएंगे.
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