Motihari: मधुबन में नवविवाहित ने रखा वट सावित्री व्रत, पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना

मधुबन में नवविवाहित सुहागिन महिलाओं ने वट सावित्री व्रत रखा और पति की लंबी आयु की कामना की. पढ़ें पूरी खबर…

Motihari News: मधुबन, पूर्वी चंपारण में आज नवविवाहित सुहागिन महिलाएं वट सावित्री व्रत रखकर अपने पति की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना करेंगी. हिंदू धर्म में यह व्रत सावित्री और सत्यवान की अमर कथा, अटूट प्रेम और पतिव्रता धर्म का प्रतीक माना जाता है.

व्रत का शुभ मुहूर्त और विधि

आचार्य रंजीत कुमार तिवारी के अनुसार, ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि पर यह व्रत प्रातः 07:12 बजे से 08:24 बजे तक रखा जाएगा. अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:50 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक रहेगा. इस दौरान पूजा-अर्चना करना अत्यंत शुभ माना गया है.

वट वृक्ष पूजा और परिक्रमा

महिलाएं व्रत के दौरान बरगद के पेड़ (वट वृक्ष) की पूजा करेंगी. जल और दूध अर्पित करने के बाद, कच्चा सूत लपेटते हुए सात परिक्रमा करेंगी और पति की दीर्घायु की कामना करेंगी. पूजा के बाद सावित्री और सत्यवान की कथा सुनने और पढ़ने की परंपरा निभाई जाएगी.

सावित्री और सत्यवान की अमर कथा

कथा के अनुसार, राजकुमारी सावित्री ने सत्यवान से विवाह किया, जबकि उन्हें पता था कि सत्यवान की आयु कम है. जंगल में सत्यवान अचेत होकर गिर पड़े और यमराज उनके प्राण लेने आए. सावित्री ने अपनी बुद्धिमत्ता और अटूट निष्ठा से यमराज को प्रभावित किया और अंततः अपने पति के प्राण लौटवाए.

वट सावित्री व्रत का महत्व

मान्यता है कि सत्यवान को वट वृक्ष के नीचे नया जीवन मिला था. इसी स्मृति में महिलाएं यह व्रत रखकर पति की लंबी आयु, सुखी दांपत्य जीवन और परिवार में समृद्धि की कामना करती हैं.

मोतिहारी के मधुबन से शशि चंद्र तिवारी की रिपोर्ट

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Sarfaraz Ahmad

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >