Motihari : आर्मी जवान राकेश का शव गांव पहुंचते मची चीख पुकार

आर्मी जवान राकेश कुमार सिंह का शव दरियापुर से पहुंचते ही परिजनों के चीख पुकार से सभी से आंखें नम हो गयीं.

Motihari : संग्रामपुर .आर्मी जवान राकेश कुमार सिंह का शव दरियापुर से पहुंचते ही परिजनों के चीख पुकार से सभी से आंखें नम हो गयीं. मृतक पश्चिमी मधुबनी पंचायत वार्ड आठ दरियापुर गांव स्वर्गीय लालबाबू सिंह के पुत्र बताये जाते हैं. उनके भाई रामकिशोर सिंह जो आर्मी में नायक पद पर दिल्ली में कार्यरत हैं. उन्होंने ने बताया कि रविवार को गोरखपुर में ड्यूटी को लेकर चार लोगों के टीम एक चार पहिया से एक साथ जा रहे थे जहां गोरखपुर में गाड़ी पुल के डीवाइडर से टकरा गई जिसमें सवार अन्य आंशिक रूप से जख्मी हुए जबकि भाई राकेश बुरी तरह जख्मी हो गये. जिसका इलाज के दौरान लखनऊ में मौत हो गयी. जहां शव को लखनऊ से गोरखपुर लाया गया. गोरखपुर से एंबुलेंस से सूबेदार मेजर रोहताश सिंह, सिपाही मदन राणा,अनवर आलम लेकर दरियापुर पहुंचे थे. जहां दानापुर आर्मी कैम्प के टीम के सदस्य भी साथ थे. राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया. जवानों ने 11 गोलियों से सलामी दी गई .वहीं जवान का शव जिस तिरंगा से लपटा आया था उसको उनके पुत्र शनि कुमार सिंह को सैनिकों ने समर्पित किया. मुख्याग्नि बड़े पुत्र आर्मी जवान रिशव कुमार सिंह ने दिया. बेटी अमृता एवं बेटा आदित्य के सर से माता पिता का साया उठ गया . पूरे परिवार के साथ इन दोनों का भी रो रोकर बुरा हाल है. ग्रामीणों का कहना है कि जिन बच्चों की छह माह पूर्व मां की मृत्यु हो गई और छह माह बाद पिता की. ऐसे बच्चों को ढांढस भला कौन बधा सकता है .उन दोनों को देखकर ही लोगों के आंखों में आंसू आ जाते थे. दोनों कॉलेज में अध्यनरत है. .

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Satendra prasad sat

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >